यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाजार को है आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
आरबीआई की वित्त वर्ष 2016-17 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा 05 अप्रैल को होनी है। इस बार आरबीआई द्वारा ...और पढ़ें

नई दिल्ली। आरबीआई की वित्त वर्ष 2016-17 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा 05 अप्रैल को होनी है। इसमें देश के आर्थिक विकास को गति देने एवं उपभोक्ता मांग बढ़ाकर विनिर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के उद्देश्य से प्रमुख नीतिगत दरों में कम से कम एक चौथाई फीसदी की कटौती की उम्मीद की जा रही है, जिसकी अगले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इसका असर भी कई जगह देखने को मिलेगा। इस बार आरबीआई द्वारा ब्याज दर में करीब 0.50 फीसद की कटौती की उम्मीद की जा रही है। पिछले दिनों वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी उम्मीद जताई थी कि भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती करेगा। उनका कहना था कि ऐसा सिर्फ वह ही नहीं चाहते हैं बल्कि दूसरे लोग भी ऐसा ही चाहते हैं।
जेटली ने कहा था कि यदि इस वक्त आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की जाती है तो यह आर्थिक दृष्टि से भी काफी अच्छा होगा। भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूदा समय में महंगाई दर पांच फीसद है। बैंक ऑफ महाराष्ट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ने भी उम्मीद जताई है कि आरबीआई ब्याज दरों में 0.25 फीसद की कमी जरूर करेगा।
