नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकारी बैंकों के कई एसोसिएशन निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के बेरोजगार हुए कर्मचारियों के पक्ष में उतर गए हैं। बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े यूनियन ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉईज एसोसिएशन (एआइबीईए) ने कर्जदाता बैंकों से कहा है कि वे जेट एयरवेज को कर्मचारियों के बकाया सैलरी भुगतान के बराबर का कर्ज मुहैया करा दें।

एआइबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि यह कर्ज कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड या ग्रेच्युटी में जमा राशि के हिसाब से दिया जा सकता है। वहीं, कई बैंक संगठनों ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आइबीए) को भी इस बारे में पत्र लिखा है। इसमें संगठनों ने सलाह दी है कि सैलरी भुगतान अटकने की वजह से कर्मचारियों के समक्ष जो संकट है, उससे उन्हें निकालने के लिए विशेष कर्ज दिया जाए।

वेंकटचलम ने कहा, ‘जेट एयरवेज को और वित्तीय मदद नहीं देने का कंसोर्टियम का फैसला सही है। लेकिन कर्जदाता बैंक जेट एयरवेज को सिर्फ कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने के लिए कर्ज दे सकते हैं। चाहें तो वे इस विशेष प्रावधान के साथ कर्ज दें कि कंपनी इस राशि का उपयोग किसी और मद में नहीं करेगी।’ उन्होंने कहा कि अगर एयरलाइन को नया निवेशक मिल जाता है और वह सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रख लेता है, तो इस रकम की उससे वसूली की जा सकती है। अगर कंपनी को कोई खरीदार नहीं मिलता है, तो कंपनी को कर्मचारियों के अंतिम सैटलमेंट से पहले बैंकों का बकाया भुगतान करना चाहिए।

जेट एयरवेज के कर्मचारी संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (नाग) के मुताबिक कर्मचारियों का बकाया भुगतान के लिए कंपनी को 175 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

नसीम जैदी ने दिया बोर्ड से इस्तीफा: जेट एयरवेज ने सोमवार को कहा कि कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नसीम जैदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जैदी मुख्य चुनाव आयुक्त और नागरिक विमानन सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों और समयाभाव का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है। उनका इस्तीफा पिछले सप्ताह रविवार से प्रभावी हो गया है। गौरतलब है कि जेट एयरवेज का प्रबंधन इस वक्त भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) की अगुआई वाले कंसोर्टियम के हाथों में है।

स्लॉट बंटवारे का कर्मचारियों ने किया विरोध: जेट एयरवेज के फिलहाल खाली स्लॉट अन्य विमानन कंपनियों के हवाले करने की तैयारी का कंपनी के कर्मचारी यूनियन ने विरोध किया है। ऑल इंडिया जेट एयरवेज टेक्नीशियंस एसोसिएशन ने यह भी धमकी दी है कि अगर कंपनी के स्लॉट्स का बंटवारा नहीं रुका, तो वह समाधान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कानूनी मदद लेने से नहीं हिचकेगा। यूनियन ने डीजीसीए को कहा है कि जब तक कंपनी की बोली प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती, तब तक के लिए स्लॉट बंटवारे पर रोक लगाई जाए।

Posted By: Praveen Dwivedi

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