नई दिल्ली: भारत में स्मार्ट सिटी परियोजना को सही ढंग से लागू नहीं किया जा पा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस विशेष योजना में दिलचस्पी ली जा रही है, लेकिन इसके बावजूद योजना का क्रियान्वयन काफी कमजोर है। यह बात देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो के चीफ अजीम प्रेमजी ने कही है।

गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से 25 जून, 2015 को इस स्कीम का ऐलान किया गया था।

क्या कहा प्रेम जी ने:

अजीम प्रेमजी ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर खासी दिलचस्पी दिखाए जाने के बाद भी इसका क्रियान्वयन कमजोर है। हमारी कंपनी की ओर से इस प्रॉजेक्ट के लिए आईटी सल्यूशंस मुहैया कराने में कोताही नहीं दिखाई जा रही। सिटी प्रॉजेक्ट को आगे बढ़ाने में हमारी ओर से पूरी सक्रियता के साथ आईटी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।”

प्रति व्यक्ति आय विकास का सही पैमाना नहीं:

वहीं प्रेमजी ने यह भी कहा कि देश के विकास के लिए प्रति व्यक्ति आय के स्तर को ही पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन इस प्रक्रिया में तमाम पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, 'अधिकतर प्रति व्यक्ति आय को ही देश में विकास का पैरामीटर मान लिया जाता है। लेकिन इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण पक्ष हैं, जिनसे विकास को मापा जा सकता है, लेकिन इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है।'

Posted By: Praveen Dwivedi