नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोत्तरी की वजह से अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 फीसद हो गयी। यह दस महीने का उच्चतम स्तर है। इससे पिछले महीने में रिटेल इंफलेशन 3.15 फीसद पर थी।

अगस्त में खाने-पीने की चीजों की सीपीआई इंफलेशन की दर 2.99 फीसद रही जो जुलाई में 2.36 फीसद पर थी।खुदरा महंगाई दर बढ़ने के बावजूद यह चार फीसद के आरबीआई के मध्यावधि लक्ष्य से नीचे ही बनी हुई है। खाद्य पदार्थ एवं ईंधन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में सीपीआई इंफलेशन परिदृश्य नरम बना हुआ है।

रूरल, अर्बन और कंबाइंड क्षेत्र के अगस्त, 2019 का कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (सीएफपीआई) भी जारी किया गया है। अगस्त में ग्रामीण क्षेत्र के लिए सीएफपीआई 0.85 फीसद, शहरी क्षेत्र के लिए 7.07 फीसद और कंबाइंड आधार पर 2.99 फीसद पर रहा था। जुलाई, 2019 में ग्रामीण क्षेत्र के लिए सीएफपीआई 0.57 फीसद, शहरी क्षेत्र के लिए 5.61 फीसद और कंबाइंड स्तर पर 2.36 फीसद पर रहा था।

जुलाई में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) बढ़कर 4.3 फीसद हुआ
हालांकि, औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर अच्छी खबर मिल रही है। बुनियादी क्षेत्रों में उत्पादन में वृद्धि के दम पर जुलाई में औद्योगिक वृद्धि बढ़कर 4.3 फीसद हो गयी। जून में यह आंकड़ा महज दो फीसद पर आ गया था। वहीं जुलाई में मैन्यूफैक्चरिंग आउटपुट मासिक आधार पर 1.2 फीसद बेहतर होकर 4.2 फीसद पर रहा।

जुलाई में मासिक आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। जुलाई में इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट 2.1 फीसद रहा। जून में इस क्षेत्र में नकारात्मक वृद्धि देखने को मिली थी और यह -1.8 फीसद पर रहा था।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इंटरमीडिएट गुड्स ग्रोथ 12.4% से बढ़कर 13.9%, प्राइमरी गुड्स ग्रोथ 0.5% से बढ़कर 3.5%, कैपिटल गुड्स ग्रोथ -6.5% से घटकर -7.1%, इलेक्ट्रिसिटी ग्रोथ 8.2% से घटकर 4.8%, माइनिंग ग्रोथ 1.6% से बढ़कर 4.9% और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 1.2% से बढ़कर 4.2% रह गया। 

Posted By: Nitesh

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