नइ दिल्‍ली, पीटीआइ। दुनिया की दिग्‍गज स्‍टील कंपनी आर्सेलरमित्‍तल ने कर्ज के बोझ तले दबे एस्‍सार स्‍टील के अधिग्रहण के लिए 42,000 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। लक्ष्मी निवास मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल को पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया था। आर्सेलरमित्‍तल ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत सबसे बड़ी बोली लगाई थी।

बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, 'आर्सेलरमित्‍तल की तरफ से भुगतान आना शुरू हो गया है और उम्‍मीद है कि पूरा भुगतान एक या दो दिन में हो जाएगा।' इस घटनाक्रम से जुड़े एक अन्‍ सूत्र ने जानकारी दी कि आर्सेलरमित्‍तल पूरे फंड की व्‍यवस्‍था कर चुका है और सोमवार तक पूरी पेमेंट आने की उम्‍मीद है। 

एक सूत्र ने जानकारी दी, 'आर्सेलरमित्‍तल ने 42,000 करोड़ रुपये की पूरी राशि की व्‍यवस्‍था कर ली है और इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंक्रप्‍सी कोड (IBC) के तहत एस्‍सार स्‍टील पर नियंत्रण करने के लिए संभवत: इसे भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) को ट्रांसफर किया जाएगा।'

आर्सेलरमित्‍तल से इस मामले पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई टिप्‍पणी नहीं मिल पाई।

सूत्रों ने बताया कि आर्सेलरमित्‍तल ने 42,000 करोड़ रुपये की पूरी राशि एस्‍क्रो अकाउंट में रखी थी। हालांकि, 15 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे तत्‍काल  कर्जदाताओं को रिलीज नहीं किया गया।

सूत्रों ने बताया कि 15 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की योजना को मंजूरी दी थी। इसके अनुसार, SBI को सबसे अधिक 12,161 करोड़ रुपये प्राप्‍त होंगे। इसके अलावा, केनरा बैंक को 3,493 करोड़ रुपये और ICICI Bank को 2,110 करोड़ रुपये मिलेंगे।

 

Posted By: Manish Mishra

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