सैन फ्रांसिस्को। आइफोन और आइपैड से होने वाली आय कम होती जा रही है। लिहाजा, अमेरिकी तकनीकी दिग्गज एप्पल आमदनी बढ़ाने के नए तरीकों पर गौर कर रही है। कंपनी कार और मेडिकल डिवाइसेज पर जोर दे रही है ताकि कारोबार का दायरा बढ़ाकर आय में इजाफा किया जा सके।

एप्पल के विलय और अधिग्रहण प्रमुख एडियन पेरिका ने वर्ष 2013 में टेस्ला मोटर्स इंक के संस्थापक एलोन मस्क से मुलाकात की थी। सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन उसी दौरान कंपनी ने इलेक्टिक कारें बनाने वाली टेस्ला मोटर्स से 'मॉडल एस' का अधिग्रहण किया था।

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एप्पल मेडिकल डिवाइसेज और सेंसर का बिजनेस शुरू करने की संभावनाओं पर भी गंभीरता से गौर कर रही है। ये उपकरण किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने की संभावनाओं का पता लगाने में मददगार साबित होंगे। इसके लिए धमनियों में बहने वाले खून की ध्वनियों का अध्ययन किया जाता है। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (ऑपरेशंस) जेफ विलियम्स ने अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (यूएसएफडीए) प्रमुख डॉ. मार्गरेट हैम्बर्ग और डॉ. जेफरी शुरेन से मुलाकात की है। ये अधिकारी किसी मेडिकल उपकरणों को एजेंसी की मंजूरी देने या न देने का फैसला करते हैं।

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गूगल की चुनौती:

एप्पल की प्रतिस्पर्धी कंपनी गूगल ने नेस्ट लैब्स, बोस्टन डायनेमिक और डीपमाइंड टेक्नोलॉजीज की मूल फर्म थर्मोस्टेट को हाल ही में 3.2 अरब डॉलर में खरीदा है। कंपनी गूगल ग्लास और सेल्फ ड्राइविंग कारों के प्रोजेक्ट पर भी काम कर ही है। बिजनेस में विविधता लाने के मामले में एप्पल की बेचैनी बढ़ने की एक वजह यह भी है।

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निवेशकों की उम्मीद:

एप्पल ने इससे पहले 2010 में नया प्रोडक्ट आइपैड लॉन्च किया था। अब निवेशकों को उम्मीद है कि 2014 में भी कंपनी कुछ नया पेश करेगी। कंपनी स्मार्टवॉच या कोई टीवी प्रोडक्ट बाजार में उतार सकती है।

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