नई दिल्ली, पीटीआइ। आनंद महिंद्रा एक अप्रैल 2020 से महिंद्रा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद से हट जाएंगे। महिंद्रा समूह ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पवन गोयनका एक अप्रैल से प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी होंगे। बयान के अनुसार महिंद्रा एक अप्रैल 2020 से महिंद्रा एंड महिंद्रा निदेशक मंडल के गैर-कार्यकारी चेयरमैन की भूमिका में होंगे। यह सेबी के दिशानिर्देश के अनुरूप है। गैर-कार्यकारी चेयरमैन के रूप में महिंद्रा संरक्षक की भूमिका निभाएंगे और रणनीतिक योजना जैसे मामलों में निदेशक मंडल को मजबूती प्रदान करेंगे।

आनंद महिंद्रा को अगस्त 2012 में महिंद्रा ग्रुप का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद नवंबर 2016 में उन्हें महिंद्रा ऐंड महिंद्रा लिमिटेड का एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया। आनंद महिंद्रा की पढाई हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से हुई है। 64 साल के आनंद महिंद्रा का जन्म 1 मई 1955 को हरीश महिंद्रा और इंदिरा महिंद्रा की संतान के रूप में तत्कालीन बॉम्बे (अब मुंबई) में हुआ था। वह ग्रुप के संस्थापक जगदीश चंद्र महिंद्रा के पोते हैं। आनंद महिंद्रा की दो बहने हैं अनुजा शर्मा और राधिका नाथ हैं। 

आनंद महिंद्रा ने ट्वीट करते हुए कहा कि नेतृत्व में बदलाव की योजना की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इससे गुड गवर्नेंस के लिए हमारी प्रतिबद्धता पता चलती है। ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैं बोर्ड और नॉमिनेशन कमेटी का आभारी हूं, जिन्होंने एक साल तक कड़ी मेहनत कर योजना तैयार की।

ग्रुप प्रेसिडेंट (स्ट्रैटजी) अनीष शाह 1 अप्रैल 2020 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) का पद संभालेंगे। वे 2 अप्रैल 2021 को एमडी और सीईओ बन जाएंगे। इस पद पर उनका कार्यकाल 31 मार्च 2025 तक होगा। मौजूदा सीएफओ वीएस पार्थसारथी 1 अप्रैल को पद छोड़ देंगे। वे मोबिलिटी सर्विसेज सेक्टर को हेड करेंगे।

Posted By: Nitesh

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