यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमेजन भारत के अपोलो फार्मेसी में 10 करोड़ डॉलर का कर सकती है निवेश
Amazon investment in Apollo Pharmacy अमेजन पहले से ही भारत में दवाइयां वितरित करता है और यह संभावित निवेश मुकेश ...और पढ़ें

नई दिल्ली, रायटर्स। Amazon.com इंक भारत की फार्मेसी चेन अपोलो फार्मेसी में लगभग 10 करोड़ डॉलर के निवेश पर विचार कर रही है। रॉयटर्स ने इकॉनोमिक टाइम्स के हवाले से यह जानकारी दी है। मालूम हो कि Reliance Industries Ltd और Tata Group भी भारत के दवा बाजार में तेजी से अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। अमेजन पहले से ही भारत में दवाइयां वितरित करता है और यह संभावित निवेश मुकेश अंबानी की रिलायंस से बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए किया जाएगा। रिलायंस ने ऑनलाइन फ़ार्मेसी नेटमेड्स में अधिकांश हिस्सेदारी खरीदी थी।
इसके अलावा टाटा समूह भी पिछले दिनों ई-फार्मेसी फर्म 1mg में हिस्सेदारी लेने के लिए बातचीत कर रहा था। हालांकि, इस डील पर अमेजन और अपोलो हॉस्पिटल्स दोनों ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
ई-फार्मेसियों की वृद्धि से कई भारतीय व्यापारी समूहों को अपने लिए खतरा दिख रहा है, उन्हें लगता है कि ऑनलाइन ड्रगिस्ट बिना सही सत्यापन के दवा की बिक्री में कर सकते हैं और बड़े कंपनियों के आने से इस क्षेत्र में बेरोजगारी हो सकती है।
अमेजन की भारत में और विस्तार करने की योजना संयुक्त राज्य अमेरिका में दवाओं के खुदरा विक्रेताओं के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, वॉल्ग्रेन, सीवीएस हेल्थ और वॉलमार्ट जैसी बढ़ती दवाइयों को वितरित करने के लिए ऑनलाइन फार्मेसी शुरू करने की ऊँची एड़ी के जूते के करीब है।
