नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) और अमेरिकी कंपनी बोइंग भारत के हवाई यातायात का आधुनिकीकरण करने के लिए 10 साल का एक रोडमैप बनाएंगी। दोनों कंपनियों के बीच हुए करार के मुताबिक यह रोडमैप 18 महीने में बन कर तैयार हो सकता है। बोइंग ने कहा कि युनाइटेड स्टेट्स ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी (यूएसटीडीए) से मिले एक ग्रांट के तहत रोडमैप का निर्माण किया जाएगा। एएआइ देशभर में अपने करीब 125 हवाई अड्डों का संचालन करती है।

बोइंग ने कहा कि इस करार के तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। एएआइ अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय सवरेत्तम तौर-तरीकों के आधार पर भारतीय राष्ट्रीय हवाई यातायात प्रणाली (एनएएस) का आधुनिकीकरण करने में इस रोडमैप का उपयोग करेगी। इससे भारतीय हवाई क्षमता का सवरेत्तम उपयोग करने, नैविगेशन, सर्विलांस और हवाई यातायात प्रबंधन में निवेश हासिल करने में मदद मिलेगी। बोइंग ने कहा कि परियोजना के तहत वह भारतीय विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारत की विमानन कंपनियां, हवाई अड्डा संचालकों और यूएस-इंडिया एविएशन कॉपरेशन प्रोग्राम (एसीपी) जैसे अन्य पक्षों के साथ मिलकर काम करेगी। वह वर्तमान टेक्नोलॉजी और प्रक्रिया का विश्लेषण कर क्षमता में सुधार की ऐसी संभावनाओं की पहचान करेगी, जिसे व्यावहारिक और सुरक्षित हवाई क्षेत्र प्रणाली को कायम रखते हुए लागू किया जा सके।

एएआइ के चेयरमैन गुरुप्रसाद मोहापात्र ने कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय तौर तरीकों को लागू करने से भारत के हवाई क्षेत्र की क्षमता का विस्तार होगा। इससे संचार प्रणाली में सुधार होगा, हवाईक्षेत्र का बेहतर उपयोग होगा और हवाई नैविगेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर अतिरिक्त उड़ानों की प्रोसेसिंग को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

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Posted By: Pawan Jayaswal

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