नई दिल्ली। पिछले पांच महीने से आर्थिक मंदी से जूझ रही विमानन कंपनी एयर इंडिया की मुश्किलें तो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक तरफ जहां पायलटों की हड़ताल अब तक जारी हैं, वहीं कंपनी पर 494 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। पायलटों की हड़ताल से कंपनी को अब तक 200 करोड़ का नुकसान हो गया है।

गौरतलब है कि पांच महीने पहले ही सरकार के कर विभाग ने कंपनी के सभी खाते बंद कर दिये थे। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि सरकार से पूंजी मिलते ही वह कर व राजस्व विभाग को 395 करोड़ रुपये का सर्विस टैक्स चुका देगी।

दूसरी ओर पिछले 12 दिनों से हड़ताल कर रहे एयर इंडिया के पायलटों और प्रबंधन के बीच अब तक गतिरोध बना हुआ है। पायलटों की इस हड़ताल से एयर इंडिया को अब तक 200 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है।

वहीं एयर इंडिया ने यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए स्पेशल स्कीम शुरू की है। जिसके तहत यात्री 22 मई तक बिना अतिरिक्त शुल्क दिए यात्रा की तारीख में बदलाव कर सकते हैं या फिर अपने टिकट रद्द करा सकते हैं।

हड़ताली पायलटों को लेकर एयर इंडिया प्रबंधन ने कड़ा रुख अख्तियार कर रखा है। सूत्रों का कहना है कि एयर इंडिया पायलट यूनियन आईपीजी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई कर सकती है। क्योंकि हाई कोर्ट के हड़ताल को अवैध करार देने के बावजूद पायलट अब तक काम पर नहीं लोटै हैं।

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