नई दिल्ली/मुंबई। एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल शनिवार को 19वें दिन भी जारी रही, जिसकी वजह से विमानन कंपनी को अबतक 290 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अबतक लगभग 290 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें टिकटों का रद्द होना, कर्मचारियों का काम न कर पाना एवं बोइंग-777 का अप्रयुक्त बेड़ा शामिल है। उन्होंने बताया कि अधिकतर टिकटों को सस्ती श्रेणी में डालने के कारण बुकिंग में इजाफा हुआ है, जबकि आपातकालीन योजना के कारण घाटे में प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये के हिसाब से कमी आई है।

एयर इंडिया ने अंतर्राष्ट्रीय एवं घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए गुरुवार को बड़ी संख्या में टिकटों को कम कीमत वाली श्रेणी में डालने का निश्चय किया था। एयर इंडिया की अप्रैल में आए आंकड़ों के अनुसार 17.6 फीसद के साथ बाजार में चौथी बड़ी हिस्सेदारी है।

किराए की नई योजना के अतिरिक्त एयरलाइन कांट छांट कर तैयार की गई एक नई सारिणी को एक जून से लागू करेगी, जिसमें सात नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को हटा दिया गया है। इसके तहत सरकारी विमानन कंपनी प्रतिदिन 45 की जगह 38 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करेगी। यूएई, ओमान, बहरीन, कुवैत, सिंगापुर, थाईलैंड और दक्षेस देशों के लिए उड़ानें नियमित तौर पर जारी रहेंगी, लेकिन हांगकांग, ओसाका, सियोल और टोरंटो की उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।

वर्तमान में पायलट की हड़ताल से परेशान एयर इंडिया आपातकालीन योजना के तहत न्यूनतम संख्या में उड़ानों का संचालन कर रही है, जिसमें अमेरिका एवं यूरोप जाने वाले कई उड़ानों को जोड़ दिया गया है।

एयर इंडिया के इस कदम को उठाने से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार नागर उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने हड़ताली पायलटों को चेतावनी दी थी कि अगर वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे तो नए पायलटों की भर्ती की जाएगी।

इंडियन पायलट्स गिल्ड [आईपीजी] के 101 पायलट आठ मई से सामूहिक रूप से चिकित्सा अवकाश पर हैं।

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