मुंबई [जासं]। एयर इंडिया के पायलट सरकार के साथ अब बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन वे जानना चाहते हैं कि सरकार की ओर से एयरलाइन को दिए जा रहे 30,000 करोड़ रुपये किस तरह खर्च किए जाएंगे। आइपीजी अध्यक्ष जीतेंद्र आह्वाड ने शनिवार को यहां साफ कहा, हम कोई शर्त नहीं रख रहे हैं। न हम वार्ता से पहले बर्खास्त पायलटों को वापस बुलाने की बात कर रहे हैं, न ही आइपीजी की मान्यता फिर से बहाल करने की। इसके बावजूद एयर इंडिया प्रबंधन बात करने को तैयार नहीं है। उन्होंने संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

आह्वाड ने नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह के प्रति अपना रुख नरम करते हुए स्थिति बिगाड़ने का ठीकरा एयर इंडिया प्रबंधन पर फोड़ा। उन्होंने कहा, मंत्री जी पर पूरा भरोसा है। उनकी ओर से वार्ता का बुलावा तो आए, हम तुरंत विमान पकड़कर दिल्ली पहुंचने को तैयार हैं। गिल्ड के संयुक्त सचिव एवं प्रवक्ता कैप्टन तौसीफ मुकादम ने कहा कि 75 पायलटों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्हें एयर इंडिया की संपत्तिायों से 200 मीटर दूर रहने की हिदायत दी गई है। इसके बावजूद वे विमान उड़ाने को तैयार हैं, लेकिन या तो हम सभी पायलट विमान उड़ाएंगे, या फिर कोई नहीं।

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