नई दिल्ली, पीटीआइ। गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 2,400 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने सरकार से गारंटी का आग्रह किया है। हालत यह है कि कंपनी ने कर्मचारियों को अभी तक नवंबर का वेतन नहीं दिया है। कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार उम्मीद है कि गुरुवार को वेतन जारी हो जाएगा।

कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार 2,400 करोड़ रुपये की यह राशि 7,600 करोड़ रुपये की उस गारंटी का हिस्सा है, जो उसे चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने प्रदान करने का वादा किया था। दूसरी ओर कंपनी के प्रवक्ता ने इस पर किसी टिप्पणी से इन्कार किया है। एयर इंडिया को 2018-19 में अनुमानित 8,556.35 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

पुरी ने किया था हितों की रक्षा का वादा

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने पिछले महीने राज्यसभा में बताया था कि एयर इंडिया के कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाएगी और इसके निजीकरण तक किसी की नौकरी नहीं जाएगी। अगर कंपनी का निजीकरण नहीं किया जाता है तो इसे बंद करना पड़ेगा। इसके अलावा पुरी ने पिछले सप्ताह लोकसभा में बताया था कि वित्त वर्ष 2011-12 से अब तक कंपनी को 30,520.21 करोड़ रुपये की इक्विटी दी जा चुकी है।

2018-19 के दौरान कंपनी को दिए वित्तीय पैकेज में 3,975 करोड़ रुपये की नकद सहायता भी शामिल है। एक अन्य वित्तीय मदद के तहत 2018-19 में प्रदान की जाने वाली 7,600 करोड़ रुपये की गारंटी में से तीन हजार करोड़ रुपये पहले ही उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। अप्रैल, 2012 में केंद्र सरकार ने एयर इंडिया के पुनरुत्थान के लिए टर्नअराउंड प्लान (टीएपी) को मंजूरी दी थी।

Posted By: Pawan Jayaswal

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