'अदाणी के घर' में बिड़ला का बड़ा दांव! इन 3 दिग्गज कंपनियों को मिलाकर खोल दी नई कंपनी, क्या करेगी काम?
Aditya Birla Group New Company: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अल्ट्राटेक, हिंडाल्को और ग्रासिम को मिलाकर नई कंपनी बनाई है। यह कंपनी गुजरात की गिफ्ट सिटी से काम करेगी।
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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश के दिग्गज कारोबारी घराने आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) ने अपनी तीन सबसे मजबूत कंपनियों को एक साथ लाकर एक नई कंपनी खड़ी कर दी है। यह कंपनी गुजरात की हाईटेक गिफ्ट सिटी (GIFT City) से काम करेगी। 20 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से बनी इस नई इकाई का नाम यूएचजी होल्डिंग्स आईएफएससी प्राइवेट लिमिटेड (UHG Holdings IFSC Private Limited) रखा गया है।
इस नाम का सीधा कनेक्शन ग्रुप की उन तीन कंपनियों से है, जिनसे मिलकर ये कंपनी बनी है। 'U' यानी UltraTech Cement, 'H' यानी Hindalco Industries, और 'G' यानी Grasim Industries।
UHG में किस कंपनी की कितनी हिस्सेदारी?
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, इस नई कंपनी में सबसे बड़ा हिस्सा हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) का है, जिसके पास 50% हिस्सेदारी है। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) के पास 41% और ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim Industries) के पास बाकी की 9% हिस्सेदारी रहेगी।
GIFT City में क्या काम करेगी UHG?
यह सिर्फ कागजों पर बनी कंपनी नहीं है, बल्कि इसके पीछे ग्रुप की एक सोची-समझी ग्लोबल स्ट्रैटेजी है। गिफ्ट सिटी एक इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) है, जहां टैक्स बेनिफिट्स और ग्लोबल फाइनेंसिंग की बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं। यूएचडी होल्डिंग्स मुख्य रूप से एक फाइनेंस और होल्डिंग कंपनी के तौर पर काम करेगी।
इसका मुख्य काम एयरक्राफ्ट (Plane), शिप्स, समुद्री जहाज और अन्य ट्रांसपोर्टेशन साधनों को खरीदना, लीज या सब-लीज पर देना, किराए पर चलाना और ऑपरेट करना होगा। आसान शब्दों में कहें तो आदित्य बिड़ला ग्रुप अपने बिजनेस और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को और मजबूत व किफायती बनाने के लिए इस इकाई का इस्तेमाल करेगा।
क्या है कंपनी का टर्नओवर या रेवेन्यू?
यह कंपनी अभी-अभी रजिस्टर हुई है। इसलिए फिलहाल इसका कोई टर्नओवर या रेवेन्यू नहीं है। ग्रुप की ही कंपनियों द्वारा प्रमोट किए जाने के कारण यह एक रिलेटेड पार्टी के दायरे में आएगी। यह पूरी तरह से IFSCA (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी) के नियमों के तहत काम करेगी और जल्द ही जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां हासिल करेगी।
कुल मिलाकर, गिफ्ट सिटी से ग्रुप का यह नया कदम आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और फाइनेंसिंग की लागत घटाने में गेमचेंजर साबित हो सकता है।
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