नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन आदि गोदरेज ने कहा कि अच्छा कॉरपोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से कोई नया कानून लाने की कोई आवश्यकता नहीं है और इसके बजाय मौजूदा कानूनों की एक "प्रभावी प्रवर्तन" उद्देश्यों को पूरा करेगा।

गोदरेज समूह के प्रमुख आदि गोदरेज ने उन कंपनियों को भी सुझाव दिया, जो कि विशेषकर पारिवारिक कंपनियां होती हैं कि वो एक बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित करें, जो कि उन्हें वैश्विक बाजार में और प्रतिस्पर्धी बना देगा। उन्होंने कहा, “मौजूदा वक्त की जरूरत नियम, कानून और संवाद नहीं हैं बल्कि प्रभावी कार्यान्वयन है। हमारी सरकार और बाजार नियामकों को अधिक नियम बनाने की बजाय मौजूदा कानूनों को लागू करने की आवश्यकता है। कानून कोई इलाज नहीं होता। एक निष्प्रभावी कानून कानून न होने से बदतर स्थिति है।”

कार्पोरेट हाउस से पारदर्शी होने की अपील करते हुए गोदरेज ने कहा कि उन्हें कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्य को बढ़ावा देना चाहिए और न कि हितधारकों के जरूरी लक्ष्यों। उन्होंने कहा, “सुशासन वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करता है। अच्छी तरह से संचालित कंपनियां व्यापक रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं।”

आदि गोदरेज बोले सरकारी बैंकों का हो निजीकरण: 11,400 करोड़ का पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद अब तक का सबसे बड़ा बयान सामने आया है। गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन आदि गोदरेज ने सुझाव दिया है कि बैंकों का बेहतर प्रबंधन सुनश्चित करने के लिए सरकारी बैंकों का निजीकरण कर दिया जाना चाहिए। आपको बता दें कि इससे पहले फिक्की की ओर से भी इस तरह की सिफारिश की जा चुकी है।

 

Posted By: Praveen Dwivedi