नई दिल्ली, पीटीआइ। सरकार को उम्मीद है कि 2020-21 के बजट में घोषित 'विवाद से विश्वास' योजना के जरिए 90 फीसद आयकर विवादों को हल किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंगलवार को यह बात कही। यह योजना 4.8 लाख मामलों में 9.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर विवादों को हल करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि 90 फीसद से अधिक लंबित आयकर मामलों को 'विवाद से विश्वास' के तहत निपटाया जाएगा।

वित्त राज्य मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि ईमानदारी से करों का भुगतान करने वाले उद्यमियों के हितों की रक्षा की जाएगी और कर प्रणाली में धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।

ठाकुर ने कहा कि सरकार उद्यमियों पर भरोसा करती है। पहले, उद्यमियों को अपनी कंपनी को रजिस्टर्ड करने में दो महीने लगते थे, जबकि अब वे 24 घंटे में ऐसा कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोग धोखे से इनपुट टैक्स क्रेडिट या टैक्स रिफंड पाने के लिए काम करते हैं, जिससे ईमानदारों का बहुत नुकसान होता है। ऐसी धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।

केन्द्रीय मंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्होंने आयकर और केंद्रीय माल और सेवा कर विभागों के अधिकारियों को किसी भी उद्यमी को परेशान नहीं करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि 95 फीसद से अधिक मामलों में विवाद शामिल हैं। पिछले दो महीनों में 'सबका विकास योजना' के जरिए अप्रत्यक्ष करों के भुगतान से संबंधित सरकारी खजाने में लगभग 40,000 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आयकर विवादों से संबंधित 41,000 से अधिक मामले विभिन्न ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। ठाकुर ने यह भी कहा कि मोदी सरकार 2024-25 तक युवाओं की भागीदारी के साथ देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करेगी। 

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