8th Pay Commission: कितनी बढ़ेगी टीचर्स की सैलरी? वेतन से लेकर छुट्टी और पेंशन तक, सब बदलने की तैयारी!
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत शिक्षक संगठनों ने वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग की है। ...और पढ़ें

8th Pay Commission से शिक्षकों मिलेगा क्या फायदा?
HighLights
एंट्री-लेवल 6 शिक्षकों की बेसिक सैलरी ₹1,34,500 करने की मांग।
फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3 के बीच करने की सिफारिश।
HRA और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग की गई।
नई दिल्ली: देशभर के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों (Teachers) के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। आयोग द्वारा विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव और डेटा जुटाने की प्रक्रिया के बीच शिक्षक संगठनों ने वेतन संरचना में भारी बदलाव की मांग उठा दी है। इस समय सबसे ज्यादा सुर्खियां उस प्रस्ताव को मिल रही हैं, जिसमें एंट्री-लेवल 6 शिक्षकों की शुरुआती बेसिक सैलरी (Basic Pay) को सीधे ₹1,34,500 करने की मांग की गई है।
कितनी बढ़ सकती है सरकारी टीचर्स की सैलरी?
दरअसल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay commission dashboard) के तहत फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग सबसे अहम है। अभी तक 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में यह 2.57 था, लेकिन अब इसे 2.86 से 3 के बीच करने की मांग की जा रही है। अगर ऐसा होता है कि तो बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। अलग-अलग अनुमानों के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच रह सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन ₹41,000 से ₹51,000 तक पहुंच सकता है।
क्या है शिक्षकों की मांग?
शिक्षक संगठनों (Teachers) का कहना है कि महंगाई (Inflation) और जीवनयापन की बढ़ती लागत को देखते हुए मौजूदा वेतन संरचना (Salary Structure) पर्याप्त नहीं है। यही वजह है कि कई संगठनों ने फिटमैंट फैक्टर को बढ़ाने और न्यूनतम वेतन (Salary) ₹65,000 या उससे अधिक करने की मांग रखी है।
सैलरी के अलावा क्या बढ़ेगा?
सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि हाउस रेट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों को भी बढ़ाने की मांग की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि बड़े शहरों में रहने की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में HRA में बढ़ोतरी बेहद जरूरी है। इसके अलावा 10-20-30 करियर प्रोगेशन स्कीम लागू करने और सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग भी उठा रहे हैं।
अगर शिक्षकों की मांगें मान ली जाती हैं तो आने वाले समय में सरकारी टीचर्स की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। इससे न सिर्फ शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में नई ऊर्जा भी देखने को मिल सकती है।
