नई दिल्ली, पीटीआइ। लगभग 70 फीसद उपभोक्ताओं को रियल्टी कानून RERA के बारे में जानकारी है और छह में से पांच घर खरीदार इस कानून के माध्यम से शिकायत का निवारण चाहते हैं। ओमिडयार नेटवर्क इंडिया और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप द्वारा बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण में ये बातें सामने आई हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायत निवारण प्रक्रिया के कार्यान्वयन में अभी भी कई रुकावटें हैं, क्योंकि 'शिकायत निवारण प्रक्रिया में शामिल केवल 22 फीसद उपभोक्ता अनिश्चित समयसीमा में शामिल होने के कारण संतुष्ट थे।' रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016, मार्च 2016 में संसद से पारित किया गया था।

Omidyar Network India (ONI) और Boston Consulting group (BCG) ने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट - 'फाइव इयर्स ऑन: एन असेसमेंट ऑफ रेरा- द रोड अहेड फॉर ए स्ट्रॉन्गर ऑन-ग्राउंड रेजीम' शुरू की है, जो इसके प्रभाव का आकलन करती है।

इन राज्यों में हुआ सर्वे

यह रिपोर्ट महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और कर्नाटक के 1,300 से अधिक ग्राहकों, डेवलपर्स, नियामक प्राधिकरणों और चार्टर्ड एकाउंटेंट, इंजीनियरों और आर्किटेक्ट जैसे स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत पर आधारित है। सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि कानून ने होमबॉयर्स में एक विश्वास पैदा किया है।

70 फीसद उपभोक्ता

सर्वेक्षण में शामिल लगभग 70 फीसद उपभोक्ता रेरा के बारे में जानते हैं, लेकिन यह मुख्य लाभों तक सीमित है। रेरा की जानकारी रखने वालों में 71 फीसद कानून से संतुष्ट हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 76 फीसद उपभोक्ता जो रेरा के बारे में जानते थे, वे केवल रेरा-रजिस्टर्ड संपत्ति खरीदने की योजना बनाते हैं। छह में से पांच उपभोक्ता रेरा के माध्यम से निवारण चाहते हैं।

डेवलपर्स में सर्वेक्षण में शामिल 64 फीसद लोग रेरा प्राधिकरण से अत्यधिक संतुष्ट थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वेक्षण में शामिल 55 फीसद डेवलपर्स भी रेरा के कारण अधिक आसानी से कर्ज सुरक्षित करने में सक्षम थे।

Edited By: Nitesh