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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शताब्दी-राजधानी के खाने में 18 फीसद वसूला जा रहा है GST

By Surbhi JainEdited By:
Published: Thu, 05 Apr 2018 09:55 AM (IST)Updated: Thu, 05 Apr 2018 10:31 AM (IST)

स्टेशन पर खानपान में जहां पांच फीसद जीएसटी वसूला जा रहा है, वहीं इसी खाने पर ट्रेन में 18 फीसद टैक्स लिया जा रहा है

शताब्दी-राजधानी के खाने में 18 फीसद वसूला जा रहा है GST
शताब्दी-राजधानी के खाने में 18 फीसद वसूला जा रहा है GST

नई दिल्ली (दीपक बहल)। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले दिनों ट्रेन और स्टेशन पर खानपान में यात्रियों से अवैध वसूली रोकने के लिए बिल अनिवार्य कर दिया। इस आदेश के बाद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में रेलवे का खेल सामने आ गया। स्टेशन पर खानपान में जहां पांच फीसद जीएसटी वसूला जा रहा है, वहीं इसी खाने पर ट्रेन में 18 फीसद टैक्स लिया जा रहा है।

शताब्दी-राजधानी में तो टिकट में ही यात्रियों से 18 फीसद जीएसटी लिया जा रहा है, जबकि अन्य ट्रेनों में भी 18 फीसद जीएसटी लिया जाता है। हालांकि, स्टेशन पर पहले जीएसटी 12 फीसद था, जिसे घटाकर पांच फीसद कर दिया गया। रेलवे बोर्ड ने सकरुलर नंबर 44-2017 को 29 जून 2017 को जारी किया था। इस सकरुलर के मुताबिक एक जुलाई से 18 फीसद जीएसटी लेने का आदेश जारी किया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि शताब्दी-राजधानी व दुरंतो के टिकट किराये में ही जीएसटी जुड़ा होगा।

इसको सर्विसदाता केटरर वापस ले सकेगा। पेंट्री कार पर भी यही व्यवस्था है, जहां यात्री से नकद भुगतान लिया जाता है। इस मामले में अंबाला के डीआरएम दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि स्टडी करने पर ही इस मामले में कुछ बता सकते हैं। रेलवे ने सर्कुलर नंबर 79 के तहत आदेश जारी किया, जिसमें जीएसटी 12 फीसद से घटाकर पांच फीसद कर दिया गया। हालांकि, स्टेशन व ट्रेनों पर जीएसटी कितने फीसद लिया जा रहा है इस बात से यात्री बेखबर हैं।

फाइव स्टार होदल में 18 फीसद जीएसटी

फाइव स्टार होटल जिसमें रेस्टोरेंट व कमरे का किराया 7500 रुपये हो वहां पर ही 18 फीसद जीएसटी वसूला जाता है। ट्रेनों में मोबाइल कैटरिंग के नाम से 18 फीसद जीएसटी लिया जा रहा है।