नई दिल्ली (पीटीआई)। सरकार की निगाह 13,000 ऐसी कंपनियों पर है जो काफी लंबे समय से किसी भी प्रकार की बिजनेस एक्टिविटी नहीं कर रही हैं। शेल फर्मों के माध्यम से अवैध निधि प्रवाह पर अंकुश लगाने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए सरकार ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ अपनी नजर टेढ़ी की है।

जारी किए गए कारण बताओ नोटिस:

बीते दो दिनों के दौरान कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से ऐसी कई कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे कहा गया है कि ऐसे में जब वे अपनी कारोबारी गतिविधियों के बारे में नियामकीय सूचनाएं नहीं दे रही हैं वो यह बताएं कि उनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल क्यों न किया जाए।

बीते 25 और 26 अप्रैल के दौरान ऐसी तमाम कंपनियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इन कंपनियों में अधिकांशत: अहमदाबाद और जयपुर की कंपनियां शामिल हैं। आपको बता दें कि इससे पहले देश भर में करीब 2.5 लाख से ज्यादा फर्मों को इसी तरह की चेतावनी जारी की जा चुकी है। इन सभी कंपनियों को ऐसे नोटिस कंपनी कानून की धारा 248 के तहत जारी किए गए हैं। इसके अंतर्गत विभिन्न आधार पर किसी कंपनी का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। जिन भी कंपनियों को नोटिस भेजा गया है उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी और अगर ये कंपनियां संतोषजनक उत्तर नहीं देती हैं तो उनके नामों को रद्द कर दिया जाएगा।

Posted By: Praveen Dwivedi

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