नई दिल्‍ली, पीटीआइ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विभिन्न दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को लेकर देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर एक करोड़ रुपये और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) पर 1.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। एसबीआई के एक कस्टमर अकाउंट की जांच में पाया गया कि बैंक ने उस अकाउंट में हुए फ्रॉड के बारे में जानकारी देने में देरी की।

आरबीआई ने इस बारे में एसबीआई को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया। बैंक से जवाब मिलने के बाद केंद्रीय बैंक ने एसबीआई पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंकों और चुनिन्दा वित्तीय संस्थानों द्वारा धोखाधड़ी– वर्गीकरण तथा रिपोर्टिंग) निर्देश 2016 में निहित निर्देशों का पालन न करने पर एसबीआई पर जुर्माना लगाया गया।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि 'ग्राहक सुरक्षा- अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की सीमित देयता', 'बैंकों में साइबर सुरक्षा ढांचे', 'बैंकों के क्रेडिट कार्ड संचालन' और बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग में आचार संहिता' पर आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों का पालन न करने के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक पर 1.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह मौद्रिक जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत आरबीआई में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

इस बीच आरबीआई ने कहा है कि टीकाकरण अभियान में तेजी और कोविड-19 मृत्यु दर में कमी के साथ भारत के लिए सतत और समावेशी वृद्धि के एक नए पथ पर जाने का सही वक्त आ गया है। ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ पर उप-गवर्नर एम डी पात्रा के नेतृत्व में आरबीआई के अधिकारियों की एक टीम द्वारा लिखे गए लेख में कहा गया है कि खरीफ की पैदावार के मजबूत प्रदर्शन और विनिर्माण तथा सेवाओं के पुनरुद्धार से कुल आपूर्ति में सुधार हो रहा है और घरेलू मांग में मजबूती आ रही है।

Edited By: Ashish Deep