नई दिल्‍ली, पीटीआइ। Bank से कर्ज लेकर न चुकाने वाले सावधान हो जाएं। क्‍योंकि केंद्र सरकार ऐसे बकाएदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि बैंकों को जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों से पाई-पाई वसूली जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कर्ज लौटाने में चूक करने वालों के खिलाफ मामला आगे बढ़ा रही है, चाहे वे भारत में हों या फिर देश के बाहर।

सीतारमण जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो कि न केवल प्रधानमंत्री विकास पैकेज बल्कि केंद्र प्रायोजित हर योजना का लाभ केंद्र शासित प्रदेश के लाभार्थियों को मिले। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र में वृद्धि की गति देश के अन्य भागों के अनुरूप हो।

कश्‍मीर में निवेश

सीतारमण ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में विभिन्न कार्यों में पारदर्शी तरीके से तेजी लाने के लिये उदारतापूर्वक अपने सभी संसाधन लगा रही है। उन्होंने कहा कि बैंकों में अगर कुछ गड़बडी हुई और जो कर्ज लिये गये, उसका भुगतान अबतक नहीं किया गया, मुझे भरोसा है कि हमारी प्रणाली गड़बड़ी करने वालों के साथ-साथ रकम को भी वापस लाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि पूरे देश में यह हो रहा है और जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों के साथ सख्ती से निपटा जा रहा है।

एनपीए पर काम

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार 2014 में सत्ता में आयी, बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) यानी फंसा कर्ज चिंता का विषय था। एनपीए में कमी लाने को लेकर चार ‘आर’ रणनीति पर काम किया गया। इसके तहत ऐसे फंसे कर्ज की पहचान, समाधान, बैंकों में पूंजी डालने और सुधार को आगे बढ़ाने की पहल की गयी। इसका सकारात्मक परिणाम भी आया।

होगी सख्‍ती

उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर बैंकों से लिये गये कर्ज नहीं लौटाने वालों के खिलाफ सख्ती से मामले को आगे बढ़ा रही है। चाहे वे चूककर्ता भारत में हों या फिर देश से बाहर, उनके खिलाफ मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बैंकों का जो कर्ज नहीं लौटाया गया है, उसकी पाई-पाई वसूली जाए। इसके लिये ऐसे चूककर्ताओं की संपत्ति कुर्क की गयी है और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे बेचा या नीलाम किया गया है। इससे जो पैसा आया, उसे बैंकों को दिया गया।

Edited By: Ashish Deep