राजीव कुमार, नई दिल्ली। इन दिनों सभी बैंक नए-नए ऑफर के साथ त्योहारी सीजन के कर्ज के लिए ग्राहकों को लुभाने में जुटे हैं। सभी बैंकों ने सभी प्रकार के कर्ज पर ब्याज दरों में कटौती की है। बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में कटौती का सीधा फायदा रियल एस्टेट व ऑटो सेक्टर को मिलता दिख रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण रियल एस्टेट सेक्टर बिल्कुल ठप हो गया था, लेकिन इसमें फिर से बिक्री शुरू हो गई है। आरबीआइ के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में बैंकों से कर्ज व एडवांस के रूप में 102 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई तो इस दौरान 143 लाख करोड़ रुपये जमा हुए। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों के जमा में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही जबकि जून तिमाही (अप्रैल-जून, 2020) में बैंकों से होने वाली निकासी में पिछले वर्ष समान तिमाही के मुकाबले सिर्फ 6.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। 

विशेषज्ञों के मुताबिक निकासी और जमा में अंतर बढ़ रहा है जो बैंकों के मुनाफे को कम कर सकता है। यही वजह है कि त्योहारी सीजन में कर्ज के लिए आवेदन करने पर कई बैंक प्रोसेसिंग शुल्क नहीं ले रहे हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के मुताबिक त्योहारी सीजन में बैंक ऑटो कर्ज के लिए कई ऑफर दे रहे हैं। पूरी तरह से प्रोसेसिंग शुल्क माफ करने के अलावा सिबिल स्कोर अच्छा होने पर ब्याज में अतिरिक्त छूट दे रहे हैं। फाडा के मुताबिक निश्चित रूप से इससे अक्टूबर-नवंबर के दौरान पैसेंजर वाहनों की बिक्री पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक होगी।

रियल एस्टेट संस्था नरेडको के वाइस चेयरमैन प्रवीण जैन ने बताया कि हाउसिंग लोन पर ब्याज दरों में कटौती से फ्लैट्स की बिक्री बढ़ी है। उन्होंने कहा कि रेडी-टू-मूव मकानों की बिक्री पिछले वर्ष के स्तर पर आ गई है। अक्टूबर-नवंबर में बिक्री में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

ब्याज दरें बेहद आकर्षक

  • अभी होम लोन पर ब्याज दर 6.85-7.15 प्रतिशत है
  • बैंक प्रोसेसिंग शुल्क नहीं ले रहे
  • सिबिल स्कोर पर अतिरिक्त छूट
  • ऑटो लोन 7.5-8.5 प्रतिशत पर
  • एसबीआइ ने प्रोसेसिंग शुल्क खत्म कर दिया है
  • गोल्ड लोन 7.5-9 प्रतिशत पर
  • पर्सनल लोन की दर 9.6-11 प्रतिशत
  •  

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस