नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सरकार द्वारा मान्य निवेश योजना है, जिसे रिटायर के लिए बेहतर माना जाता है। इसमें 15 साल की प्रारंभिक लॉक-इन अवधि है। निवेश लाभों के अलावा, पीपीएफ का उपयोग किसी वित्तीय आपात स्थिति के दौरान पैसे जुटाने के लिए भी किया जा सकता है। निवेशक इस निवेश एवेन्यू के बदले कर्ज का लाभ उठा सकते हैं।

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पीपीएफ पर कब ले सकते हैं लोन

पीपीएफ खाता रखने वाले उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से एक वर्ष की समाप्ति के बाद कर्ज ले सकते हैं, जिसमें प्रारंभिक सदस्यता की गई थी। 2019-20 के दौरान खोले गए खाते के लिए 2021-22 में कर्ज लिया जा सकता है। कर्ज पांच साल की समाप्ति से पहले लिया जा सकता है।

कितनी लोन राशि ली जा सकती है

कर्ज आवेदन वर्ष के तुरंत बाद कर्ज राशि दूसरे वर्ष की अधिकतम 25 प्रतिशत हो सकती है।

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PPF पर कितनी बार ले सकते हैं लोन

एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ही बार लोन लिया जा सकता है। दूसरा लोन तब तक नहीं मिल सकता जब तक कि पहला कर्ज चुकाया न जाए।

क्या है ब्याज दर

अगर कर्ज लिए गए 36 महीनों के भीतर चुकाया जाता है, तो कर्ज की ब्याज दर 1 प्रतिशत प्रति वर्ष लागू होती है। यदि कर्ज लिए गए कर्ज के 36 महीने बाद चुकाया जाता है, तो कर्ज मिलने की तारीख से 6 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज दर लागू होती है।

किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा लोन

बंद खातों पर कर्ज/निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

पीपीएफ पर लोन के क्या हैं फायदे

अन्य बैंकों के पर्सनल लोन की तुलना में पीपीएफ खाते पर कर्ज की ब्याज दरें सबसे कम हैं।

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