नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। पांच साल पहले की तुलना में आज एजुकेशन लोन (Education Loan) प्राप्त करना आसान और सस्ता है। इसके अलावा, शिक्षा की बढ़ती लागत के साथ एजुकेशन लोन एक ऐसी सुविधा बन गई है जिसके द्वारा छात्र अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। इसलिए, यदि आप देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने के इच्छुक हैं और पुनर्भुगतान अवकाश या मोरेटोरियम के साथ लोन की तलाश कर रहे हैं, तो यह आपकी मदद कर सकता है।

बैंक किन चीजों के लिए देते हैं लोन

  • कॉलेज / स्कूल / छात्रावास के लिए फीस।
  • परीक्षा / पुस्तकालय / प्रयोगशाला शुल्क।
  • छात्र के लिए जीवन बीमा प्रीमियम, यदि लागू हो।पुस्तकों/उपकरणों/यूनिफार्म के लिए लोन।
  • यदि आवश्यक हो तो कोर्स पूरा करने के लिए, उचित लागत पर कंप्यूटर की खरीद।
  • पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक कोई अन्य व्यय - जैसे अध्ययन पर्यटन, प्रोजेक्ट वर्क, थीसिस, आदि।

किसे मिल सकता है लोन

  • व्यक्ति को भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • उसे प्रीमियर संस्थानों में नियमित पूर्णकालिक डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहिए
  • सभी संस्थानों में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) द्वारा प्रस्तावित 'एक्ज़ीक्यूटिव फॉर मैनेजमेंट इन एक्ज़ेक्यूटिव्स' में अंशकालिक पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम।
  • इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) हैदराबाद और मोहाली परिसर द्वारा प्रस्तावित वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारियों (PGPMAX) के लिए प्रबंधन में स्नातकोत्तर कार्यक्रम।

इस मसले पर हमने टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन से बात की, उन्होंने कहा कि स्टूडेंट सबसे पहले ये तय कर लें कि उन्हें कहां एडमिशन लेना है। किस संस्थान और किस कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं। पहले ये फैसला करना होगा। इसके बाद जैन ने बताया कि आम तौर पर 4 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन के लिए बैंक थर्ड पार्टी गारंटर की मांग नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि लोन के लिए संस्थान पहले ये सुनिश्चित करेंगे कि आप वहां एडमिशन ले रहे हैं। 

बलवंत जैन ने बताया कि इनकम टैक्स में ब्याज के भुगतान में बिना किसी लिमिट का फायदा मिलता है। यह फायदा क्लेम शुरू करने से 8 साल तक मिलता है और छात्र और उसके पिता ने संयुक्त आवेदन दिया है तो छात्र के पिता भी क्लेम कर सकते हैं। एजुकेशन लोन के रीपेमंट को आप कोर्स खत्म होने के एक साल बाद या नौकरी मिलने के छह महीने बाद से शुरू कर सकते हैं। दोनों में जो पहले हो उसे किया जा सकता है।  

एजुकेशन लोन लेने की प्रक्रिया

स्टूडेंट्स या उनके माता-पिता बच्चों के ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या फिर प्रोफेशनल कोर्स के लिए बैंकों से एजुकेशन लोन ले सकते हैं। हालांकि, एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट सरकार से मान्यता हो। जिस बैंक में आपका पहले से ही खाता है वहां से एजुकेशन लोन लेना आपके लिए आसान हो सकता है।

जानिए एजुकेशन पर किस बैंक की क्या है ब्याज दर

  • SBI में भारत में पढ़ने के लिए 8.85% और विदेश में पढ़ाई के लिए 10.00% ब्याज दर
  • Axis Bank Education Loan- भारत और विदेश में पढ़ाई के लिए के लिए 13.70% 
  • Bank of Baroda Education Loan- भारत में 8.40%, विदेश में 9.15%
  • Union Bank of India- भारत में 10.20%, विदेश में पढ़ाई के लिए भी 10.20%

कितना मिलता है लोन

अमूमन बैंक देश में पढ़ाई के लिए 10 से 15 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन देते हैं। विदेश में पढ़ाई के मामले में यह राशि 20 लाख रुपये से भी अधिक हो सकती है। लोन की रकम रेगुलेटेड नहीं है और बैंक या वित्तीय संस्थान इससे कम या अधिक भी दे सकते हैं।

Posted By: Nitesh

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