नई दिल्‍ली, मनीश कुमार मिश्र। अपना घर हर किसी का सपना होता है। इसके लिए एक बड़े निवेश की जरूरत होती है। ऐसे में हमारे काम आता है Home Loan (होम लोन)। ऐसा नहीं है कि जिनके पास पैसों की कमी है, सिर्फ वही लोग घर की खरीदारी के लिए होम लोन लेते हैं। धनी और सामर्थ्‍यवान भी इनकम टैक्‍स में मिलने वाले लाभों के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। आइए, हम अपने विशेषज्ञ बलवंत जैन से Jagran Dialogues में हुई चर्चा के आधार पर समझते हैं कि होम लोन का अधिकतम लाभ कैसे उठाया जा सकता है।

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करें ये होम वर्क, होम लोन प्रोसेसिंग में लगेगा कम वक्‍त

टैक्‍स एवं इन्‍वेस्‍टमेंट एक्‍सपर्ट बलवंत जैन के अनुसार, सबसे पहले अपनी आय संबंधी दस्‍तावेज जैसे इनकम टैक्‍स रिटर्न, सैलरी स्लिप, बैंक स्‍टेटमेंट आदि की व्‍यवस्‍था कर लें। अगर आप ज्‍वाइंट होम लोन ले रहे हैं यानी आपके साथ कोई को-बॉरोअर है तो उसके आय संबंधी दस्‍तावेज भी जुटा लें। केवाईसी के दस्‍तावेज भी जरूरी होते हैं होम लोन के आवेदन के लिए। अगर आपने प्रॉपर्टी की पहचान कर ली है तो प्रॉपर्टी के दस्‍तावेज भी तैयार रखें। इन सबके साथ होम लोन के लिए अप्‍लाई करने से आपके लोन प्रोसेसिंग में ज्‍यादा समय नहीं लगेगा।

ज्‍वाइंट होम लोन के फायदे

ज्‍वाइंट होम लोन लेने के कई फायदे हैं। जैन ने कहा कि ज्‍वाइंट होम लोन लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके लोन की एलिजिबिलिटी बढ़ जाती है। आप अपने माता-पिता और पति या पत्‍नी के साथ मिलकर ज्‍वाइंट लोन ले सकते हैं। ज्‍वाइंट होम लोन के दूसरे फायदे बताते हुए जैन ने कहा कि को-बॉरोअर को भी इनकम टैक्‍स में कटौती का लाभ भी मिलता है। उन्‍होंने कहा कि ज्‍वाइंट होम लोन लेने में फायदा तभी है जब को-बॉरोअर भी कमाऊ हो। तभी ज्‍यादा पैसे होम लोन के तहत मिल सकता है।

होम लोन की ईएमआई भरने वाला कोई भी व्‍यक्ति नहीं उठा सकता टैक्‍स का फायदा

जैन ने कहा कि होम लोन भरने वाले सभी बॉरोअर्स को इनकम टैक्‍स में लाभ नहीं मिलता है। उन्‍होंने समझाते हुए कहा कि यह जरूरी है कि प्रॉपर्टी ईएमआई भरने वाले के नाम हो या वह को-बॉरोवर हो, तभी उसे इनकम टैक्‍स में कटौती का लाभ मिल पाएगा।

को-बॉरोअर के साथ लिए है होम लोन तो जानें किस अनुपात में मिलेगा आयकर में लाभ

एक बड़ा सवाल यह है कि अगर आप को-बॉरोअर के साथ मिलकर होम लोन लेते हैं तो उसकी ईएमआई के पुनर्भुगतान पर इनकम टैक्‍स का लाभ किस अनुपात में क्‍लेम कर सकते हैं। इस सवाल के जवाब में बलवंत जैन ने बताया कि प्रॉपर्टी में जिस अनुपात में आपका हिस्‍सा है, जरूरी नहीं कि होम लोन में भी वही अनुपात हो। आप जिस अनुपात में होम लोन का पुनर्भुगतान कर रहे हैं, उसी अनुपात में आपको इनकम टैक्‍स की धारा 80सी और 24बी के तहत आयकर का लाभ मिलेगा। भले आपने को-बॉरोअर के साथ मिलकर होम लोन लिया हो, लेकिन अगर आप 100:0 के अनुपात में ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं तो आपके को-बॉरोअर को इनकम टैक्‍स का लाभ नहीं मिलेगा।

Edited By: Manish Mishra