नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अपना खुद का घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। बड़ी लागत लगने के कारण घर खरीदने के लिए मध्यम वर्गीय परिवारों को लोन लेने की जरूरत पड़ती है। होम लोन से सिर्फ आप अपने सपने को ही पूरा नहीं कर सकते, बल्कि इससे टैक्स भी बचाया जा सकता है। होम लोन लेने से पहले ग्राहक को मार्केट में उपलब्ध सभी होम लोन ऑफर्स की जानकारी ले लेनी चाहिए और तुलनात्मक रूप से जो सबसे कम महंगा हो उसे लेना चाहिए। हालांकि, होम लोन मिलना इतना आसान भी नहीं होता। ऐसी कई बातें हैं, जिनसे ग्राहक अपनी होम लोन पाने की योग्यता को बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं कि वे क्या हैं।

सिबिल स्कोर को करें मजबूत

अगर ग्राहक का सिबिल स्कोर अच्छा है, तो वह आसानी से होम लोन प्राप्त कर सकता है। 750 से ऊपर का सिबिल स्कोर अच्छा माना जाता है। इससे ग्राहक को कर्जदाता के लिए विश्वासपात्र और जोखिम-मुक्त देनदार समझा जाता है। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर ग्राहक के लिए होम लोन पर ब्याज दर भी कम हो सकती है।

लंबी अवधि को चुनें

ग्राहक द्वारा लोन चुकाने के लिए लंबी अवधि को चुनना उसकी लोन पाने की योग्यता को बढ़ा देता है। लंबी अवधि से देनदार को लोन चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता है। इससे किश्तें भी कम राशि की बनती है। ऐसे में यह सुनिश्चित हो जाता है कि ग्राहक समय पर लोन चुका सकता है। इसके फलस्वरूप कर्जदाता का जोखिम घट जाता है।

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मौजूदा लोन का समय से पूर्व भुगतान

होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले ग्राहक को अपने मौजूदा लोन का पूर्व भुगतान कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो कर्जदाता ऐसा सोच सकता है कि ग्राहक पर पहले से ही मौजूदा लोन की ईएमआई का बोझ है। ऐसे में अगर होम लोन भी ले लिया जाए, तो ग्राहक पर ईएमआई का बोझ बढ़ जाएगा और वह किश्तों के भुगतान में देरी कर सकता है। इस तरह भविष्य में कर्जदाता के लिए जोखिम काफी बढ़ सकता है। वहीं, ग्राहक के पास पहले से कोई लोन होने की स्थिति में कर्जदाता होम लोन का अमाउंट भी कम कर सकता है। इसलिए अपनी होम लोन योग्यता को बढ़ाने के लिए ग्राहक को अपने मौजूदा लोन्स का पूर्व भुगतान कर देना चाहिए।

सह-आवेदक का भी दें नाम

अगर आपके पति/पत्नी भी कामकाजी हैं और उनका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो एक ज्वाइंट होम लोन के लिए आवेदन में सह-आवेदक के रूप में उनका नाम जोड़ा जा सकता है। इससे ग्राहक की लोन पाने की योग्यता तो बढ़ेगी ही साथ ही उसे बड़ा लोन अमाउंट भी मिल सकता है।

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आय का अतिरिक्त स्रोत जोड़ें

अगर आपके पास पार्ट-टाइम बिजनेस या किराये से प्राप्त आय जैसे अतिरिक्त आय के स्रोत हैं, तो इससे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। अगर आपके पास ऐसे स्रोत हैं, तो लोन आवेदन करते समय इनका ब्योरा जरूर देना चाहिए। इससे ग्राहक की लोन पाने की योग्यता तो बढ़ेगी ही, साथ ही उसे बड़ा लोन अमाउंट भी मिल सकता है।

स्टेप-अप लोन का भी कर सकते हैं चुनाव

स्टेप-अप लोन कम मासिक आय वाले लोगों के लिए बेहतर होता है। इसमें ग्राहक को बड़ी लोन ईएमआई नहीं देनी होती है। इस तरह के लोन में कर्जदाता कम राशि की ईएमआई वाले लोन की पेशकश करता है। इससे देनदार वित्तीय रूप से अधिक स्थिर रह पाता है।

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