नई दिल्‍ली, मनीश कुमार मिश्र। घर खरीदने वाला शायद ही कोई ऐसा व्‍यक्ति हो जिसने होम लोन न लिया हो। होम लोन को 'गुड लोन' की श्रेणी में रखा गया है। इसके जरिये न सिर्फ आप अपनी एक ऐसी संपत्ति बनाते हैं जिसकी कीमत समय के साथ बढ़ती ही जाती है बल्कि यह इनकम टैक्‍स बचाने में भी मददगार साबित होता है। होम लोन के मूलधन के भुगतान पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत लाभ मिलता है। वहीं, ब्‍याज के भुगतान पर आपको धारा 24बी का लाभ मिलता है। इन लाभों के बावजूद होम लोन की ईएमआई के तौर पर अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्‍सा देना होता है। हर कोइ चाहता है कि उसकी EMI का बोझ कम हो। आज हम ऐसे ही कुछ उपायों की चर्चा करेंगे जो आपकी ईएमआई का बोझ घटाने में सहायक होंगे। 

होम लोन का प्री-पेमेंट

होम लोन की EMI का बोझ घटाने के लिए सेबी रजिस्‍टर्ड इन्‍वेस्‍टमेंट एडवाइजर जितेंद्र सोलंकी की सलाह है कि आपको होम लोन के प्री-पेमेंट का विकल्‍प अपनाना चाहिए। मतलब समय-समय पर होम लोन का एकमुश्‍त भुगतान। इससे आपके लोन की राशि घटती है और उस पर देय ब्‍याज भी कम होता है। होम लोन के शुरुआती वर्षों में प्री-पेमेंट करना फायदे का सौदा है। सोलंकी के अनुसार, शुरुआती वर्षों में जब होम लोन की EMI में ब्‍याज का हिस्‍सा ज्‍यादा होता है तब आप प्री-पेमेंट के जरिये ब्‍याज के बोझ को कम कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि होम लोन के भुगतान के अंतिम वर्षों में प्री-पेमेंट करने का लाभ नहीं मिल पाता। 

समय-समय पर अपनी EMI में करें बढ़ोत्‍तरी

अगर आपकी कमाई में इजाफा होता है तो आप उसके अनुपात में अपनी ईएमआई बढ़ा सकते हैं। सोलंकी कहते हैं कि इससे आपके होम लोन का भुगतान जल्‍द हो जाएगा। मतलब, पूरी अवधि तक ईएमआई देने के झंझट से आपको मुक्ति मिल जाएगी। 

होम लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा का उठा सकते हैं लाभ

सोलंकी कहते हैं कि होम लोन पर ब्याज दर को कम करने के लिए ग्राहक अपने होम लोन अकाउंट के साथ होम लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा को चुन सकते हैं। इस सुविधा के तहत आप अपनी ईएमआई (EMI) के अलावा भी अपने होम लोन अकाउंट में अतिरिक्त रकम जमा करवा सकते हैं। अकाउंट में अतिरिक्त रकम रखने से आपके ब्याज की रकम और लोन की अवधि घट जाएगी। इसके अलावा, आप जरूरत पड़ने पर अपने अकाउंट से इस अतिरिक्त राशि को निकाल भी सकते हैं। हालांकि, होम लोन अकाउंट से पैसा निकालने पर आपकी लोन पर ब्याज राशि बढ़ जाएगी।

दूसरे बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के होम लोन के ऑफर्स देखें

सोलंकी के अनुसार कि अगर आप अपनी EMI का बोझ कम करना चाहता हैं तो होम लोन को ऐसे बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में ट्रांसफर करवाएं जिसकी ब्‍याज दर कम हो। इससे आपकी ईएमआई की राशि कम हो जाएगी। 

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