जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र के बैंक भी फिनटेक की ताकत समझने लगे हैं। इस क्रम में बैंक आफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने कांटेक्टलेस यानी बगैर किसी संपर्क के भुगतान करने की एक नई सर्विस शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत बाब व‌र्ल्ड वेव नाम के तहत पहने जाने वाले कई ऐसे उत्पाद लांच करने की तैयारी है जिसे भुगतान के लिए पीओएस (प्वाइंट आफ सेल्स-कार्ड स्वैप की जाने वाली मशीन) के सामने सिर्फ दिखाना भर होगा। ये उत्पाद अंगूठी, लाकेट या घडि़यां हो सकती हैं। सबसे पहले बैंक ने इस सुविधा वाली घडि़यां लांच करने का फैसला किया है जिसे बैंक जनवरी, 2022 में अपने ग्राहकों के लिए पेश करेगा। ये घडि़यां स्पो‌र्ट्स सेग्मेंट की होंगी, जिससे स्वास्थ से जुड़ी कई सूचनाएं भी ग्राहकों को मिलेंगी।

बैंक ऑफ बड़ौदा फिनटेक को कितना महत्व दे रहा है इसके बारे में बैंक के चीफ डिजिटल आफिसर अखिल हांडा ने दैनिक जागरण को बताया कि उनके बैंक की मोबाइल बैंक एप्लीकेशन बाब व‌र्ल्ड ही आने वाले दिनों में प्रमुख बैंक बन सकता है। अगस्त, 2021 में इस एप को लांच किया गया और अभी तक इसके 1.45 करोड़ ऐसे ग्राहक हो गए हैं जो इसका लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। बैंक 50 फिनटेक कंपनियों के साथ अलग-अलग स्तर पर सहयोग और साझेदारी स्थापित कर रहा है। पहनने वाले उपकरणों से भुगतान करने की सुविधा मिलने के बाद बैंक शाखा या एटीएम जाने वालों की तादाद में और तेजी से कमी होगी।

उनका कहना है कि अगले दो वर्षों में बाब के ग्राहकों में से कम से कम दस प्रतिशत इन पहनने वाले उपकरणों के जरिये भुगतान करने लगेंगे। आरबीआइ के मौजूदा नियमों के मुताबिक अभी पांच हजार रुपये तक का भुगतान इससे हो सकता है। बैंक आफ बड़ौदा के ये उत्पाद सौ रुपये से पांच हजार रुपये के बीच उपलब्ध होंगे। किस उत्पाद की कीमत कितनी होगी, इसकी जानकारी जल्द ही दी जाएगी।

कोरोना काल के बाद बढ़ा कांटेक्टलेस भुगतान

देश में फिनटेक क्रांति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाली एजेंसी एनपीसीआइ के कारपोरेट और फिनटेक रिलेशनशिप विभाग के प्रमुख नलिन बंसल का कहना है कि कोरोना काल के बाद कांटेक्टलेस भुगतान का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ा है। हालांकि पहनने वाले उपकरणों के प्रचलित होने के बाद डिजिटल बैंकिंग क्रांति और ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। आने वाले दिनों में अ‌र्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों के मुताबिक फिनटेक सर्विसेज को अपनाना होगा। इसके लिए एनपीसीआइ आरबीआइ के साथ मिलकर नए उत्पादों और सेवाओं पर काम कर रहा है। इसमें एक मुख्य है फीचर फोन के जरिये यूपीए के इस्तेमाल की सुविधा देना।

Edited By: Manish Mishra