Menu
blogid : 28762 postid : 4

ब्लॉकबस्टर के दो नाम- गदर और लगान

News

News

  • 4 Posts
  • 0 Comment

20 साल पहले भारतीय सिनेमा की दो अभूतपूर्व फिल्में – ‘लगान’ और ‘गदर : एक प्रेम कथा’ एक ही दिन बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई थीं। अब 20 साल बाद दर्शक एक बार फिर उस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे, जहां ज़ी बॉलीवुड आशुतोष गोवारीकर की उत्साह से भरी ‘लगान’ और अनिल शर्मा की साहसिक फिल्म ‘गदर : एक प्रेम कथा’ के गौरवशाली दो दशकों का जश्न मनाएगा। ये वो फिल्में हैं, जिन्होंने दर्शकों की रिकॉर्डतोड़ संख्या जुटाकर एक विरासत कायम कर ली। ‘गदर : एक प्रेम कथा’ ज़ी स्टुडियोज़ के निर्माण में बनी पहली फिल्म थी। इन फिल्मों ने अपनी बेमिसाल कहानियों, मशहूर किरदारों, यादगार संगीत और जबर्दस्त डायलॉग्स के साथ भारतीय सिनेमा का चेहरा बदल दिया था। दोनों ही फिल्मों ने हर दौर की सबसे असाधारण एंटरटेनर्स के रूप में बड़े गर्व के साथ हर पीढ़ी तक अपनी पहुंच बनाई।

 

लगान एक ऐसी फिल्म है, जिसने ना सिर्फ हिंदी सिनेमा में बल्कि विश्व सिनेमा में भी अपनी छाप छोड़ी है। राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली डॉक्यूमेंट्री ‘चले चलो’ में इस मास्टरपीस की मेकिंग दिखाई गई है, जिसमें आशुतोष गोवारीकर के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को बनाने में किया गया संघर्ष और लगन देखने को मिलती है। ऑस्कर नामांकित फिल्म ‘लगान’ एक जबर्दस्त सफल कहानी है, जिसमें डायरेक्टर का बेमिसाल दृष्टिकोण और आमिर खान का विश्वास समाया है। उस समय लगभग 25 करोड़ रुपए के अप्रत्याशित बजट में बनी फिल्म ‘लगान’ दृढ़ निश्चय और प्रेरणा की कहानी है, जो इस फिल्म की टीम के इरादों को बयां करती है। निर्माण के दौरान इस फिल्म को कई चुनौतियों से गुजरना पड़ा, जैसे क्रिकेट मैच सीक्वेंस के लिए 10 हजार स्थानीय लोगों की भीड़ जुटाना, खराब मौसम में शूटिंग करना, पानी बिजली की सीमित आपूर्ति, गुजरात के एक छोटे से गांव में पूरे कलाकारों के लिए एक इमारत को एक होटल में तब्दील करना, अपनी शूटिंग पूरी करने के लिए एके. हंगल का अपनी चोट से संघर्ष करना और यहां तक कि आशुतोष गोवारीकर को स्लिप डिस्क हो जाने के बाद उनका खाट से ही फिल्म का निर्देशन करना। इन सभी बातों ने हर उस व्यक्ति के अंदर एक योद्धा जगाया, जो इस फिल्म का हिस्सा थे। इस डॉक्यूमेंट्री में ऐसे ही और दिलचस्प किस्से जानने को मिलेंगे।

लगान के 20 साल पर आमिर खान ने एक दिल छू लेने वाला संदेश दिया:
लगान मेरे लिए एक अद्भुत सफर था, है और यूं ही बना रहेगा। ये एक ऐसा सफर रहा है, जिसमें मैं नए उत्साही लोगों से मिला, नए दोस्त बनाए, दो दशक से अधिक समय तक चलने वाले रिश्तों की शुरुआत की, इन शानदार लोगों के साथ बहुत कुछ साझा किया, बहुत कुछ सीखा, बहुत-सी भावनाओं का अनुभव किया। इस सफर ने मुझे कई तरह के सांचों में ढाला है।

इस सफर में मैं आशु, लगान की पूरी टीम और उन सभी अलग-अलग टीमों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो इसे दुनिया भर के दर्शकों तक ले गए। और आप सभी को भी विशेष रूप से धन्यवाद, जिन्होंने यह फिल्म देखी। हम सब इस सफर में एक साथ आए; कुछ जल्दी शामिल हुए, कुछ आगे चलकर हमसे जुड़े लेकिन हम सभी हमसफर हैं। मेरे लिए इस सफर को इतना अनोखा और संपूर्ण बनाने के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं!
आपके वक्त, आपके प्यार और आपकी उदार भावनाओं के लिए तहे दिल से शुक्रिया।
बहुत-बहुत प्यार

 

लगान के बारे में आशुतोष गोवारीकर ने कहा, “मेरी पहली दो फिल्मों को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला, उससे मुझे बड़ा झटका लगा। इसने मुझे एक ऐसी कहानी के साथ लौटने के लिए प्रेरित किया, जिस पर मुझे यकीन हो; एक ऐसी कहानी जो सभी सिनेमा प्रेमी दर्शकों को पसंद आए। लगान की स्क्रिप्ट इसी का नतीजा था। मैं खुशकिस्मत था कि आमिर ने मुझे इसमें सहयोग किया, जबकि हमारी पिछली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी। 20 वर्षों से लगान को इतना प्यार और प्रशंसा देने के लिए मैं दर्शकों को धन्यवाद देता हूं!!”

अगली फिल्म की बात करें तो 20 साल पहले फिल्म ‘गदर : एक प्रेम कथा’ में सनी देओल ने अपने प्यार और अपने प्यारे देश को बचाने के लिए एक दहाड़ लगाई थी, जिसकी गूंज आज भी दर्शकों को जोश से भर देती है। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘गदर : एक प्रेम कथा’ ना सिर्फ हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक है, बल्कि इसने सिनेमा में नए कीर्तिमान भी बनाए। यह पहली फिल्म थी, जिसके शो दर्शकों की मांग पर सुबह 6 बजे से शुरू हो जाते थे। तारा सिंह और सकीना की प्रेम कहानी लाखों लोगों को सिनेमाघरों तक खींच लाई थी। फिल्म की शुरुआत में दिखाए गए ट्रेन वाले दृश्यों को अमृतसर स्टेशन पर शूट किया गया था, जहां वो ऐतिहासिक घटनाएं हुई थीं। इसमें वास्तविकता लाने के लिए रेलवे स्टेशन को 1940 वाला लुक दिया गया था। शूटिंग के लिए इस्तेमाल किया गया भाप वाला इंजन दिल्ली की रेलवे म्यूजियम से किराए पर लिया गया था, ताकि उस दौर का वास्तविक एहसास जगाया जा सके।”

इस फिल्म के बारे में बताते हुए सनी देओल ने कहा, “गदर एक खूबसूरत प्रेम कहानी है, जिसमें जबर्दस्त ड्रामा और एक्शन है। मुझे याद है, मैं ऊटी में एक फिल्म की शूटिंग कर रहा था, जब अनिल शर्मा ने मुझे यह कहानी सुनाई थी। मुझे यह विषय तुरंत पसंद आ गया। मैंने हमेशा की तरह अपने दिल की सुनी और इस तरह यह सबकुछ शुरू हुआ था। अपने करियर में मुझे कुछ बेहतरीन किरदार निभाने का मौका मिला, लेकिन तारा सिंह के किरदार में कुछ अलग ही खासियत है। वो काफी विनम्र और मृदुभाषी है, लेकिन जब परिवार और देश की बात हो तो वो पूरी दुनिया को उलट सकता है। इस किरदार ने मुझे अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर लाया था। उस समय हमें इस बात का अंदाजा नहीं था कि इस फिल्म के संवाद और गाने इतना जोर पकड़ेंगे। पूरे देश के साथ 20 साल के इस पड़ाव का जश्न मनाना बहुत बढ़िया अनुभव है।”

इस फिल्म के बारे में बताते हुए अनिल शर्मा ने कहा, “यह फिल्म मेरे लिए गॉड गिफ्ट की तरह है। हमने अपने दर्शकों को एक यादगार प्रेम कहानी देने की उम्मीद में ‘गदर : एक प्रेम कथा’ बनाई थी, जो सदियों तक याद रखी जाए। जब हमने ज़ी स्टूडियोज़ के साथ इस फिल्म का निर्माण शुरू किया था, तब हमें पता था कि हम कुछ बड़ा और जिंदगी बदलने वाला काम कर रहे हैं, लेकिन हमने बिल्कुल नहीं सोचा था कि इस फिल्म को इतना जबर्दस्त और अभूतपूर्व रिस्पॉन्स मिलेगा। हमारे लिए सनी देओल और अमीषा पटेल की शानदार परफॉर्मेंस और जीते की मासूमियत काम कर गई, जिसका रोल मेरे बेटे उत्कर्ष शर्मा ने निभाया था।

शक्तिमान तलवार के विजन और उत्तम सिंह के यादगार संगीत के बिना ये फिल्म आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। गदर : एक प्रेम कथा के 20 वर्षों को सेलिब्रेट करना पुरानी यादों में लौटने जैसा है। इससे आनंद बक्शी जी, अमरीश पुरी जी और विवेक शौक के साथ काम करने की पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, जो इस फिल्म के अभिन्न अंग थे। गदर को एक ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाने के लिए मैं दर्शकों का शुक्रगुजार हूं और ज़ी बॉलीवुड पर यह खास उत्सव देखना बहुत बढ़िया होगा।”

इस फिल्म को याद करते हुए अमीषा पटेल ने कहा, “गदर न सिर्फ ऐतिहासिक विषय की फिल्म है, बल्कि एक ऐसी फिल्म है, जिसने इतिहास रचा और इसे जारी रखा। यह एक नाजुक, भावनात्मक और बेहद चुनौतीपूर्ण विषय है, जो सिर्फ हमारे निर्देशक श्री अनिल शर्मा के चुस्त, कुशल, लगनशील और बेहद सक्षम हाथों में होने के कारण भारी सफलता देख पाई। उन्होंने इस फिल्म को सबसे बड़ी कृति बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमारी खुशकिस्मती थी कि हमें ज़ी स्टूडियोज़ में शानदार और बेहतरीन निर्माताओं का अटूट समर्थन मिला। उन्होंने फिल्म को वो सबकुछ दिया, जिसकी इसे जरूरत थी। सनी देओल मेरे पसंदीदा को-स्टार हैं!

मैं उनके साथ काम करने को लेकर बहुत नर्वस थी, क्योंकि मैं उस समय नई और अनजान थी। जब मैंने गदर शुरू की थी, तब ‘कहो ना प्यार है’ रिलीज़ नहीं हुई थी। सनी जितने बढ़िया सुपरस्टार हैं, उतने ही शानदार और कमाल के इंसान भी हैं। उन्होंने मुझसे बराबरी का व्यवहार किया और पूरी शूटिंग के दौरान मुझे बहुत सहज महसूस कराया। तारा सिंह का किरदार उनके अलावा कोई नहीं निभा सकता था। ज़ी स्टूडियोज़, अनिल शर्मा जी, सनी देओल, अमरीश पुरी जी और गदर की पूरी टीम का शुक्रिया, जिनके समर्थन की बदौलत मैं सकीना का किरदार पूरी विश्वसनीयता के साथ निभा सकी। मैं इस फिल्म से जुड़कर बेहद गर्व महसूस कर रही हूं और यह हम सभी के लिए एक मील का पत्थर है। गदर भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक के रूप में हमेशा दर्ज रहेगी।”

एक ही वक्त पर रिलीज होने के बावजूद इन दोनों ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने अपनी अलग-अलग काबिलियत के आधार पर अपने स्तर पर इतिहास रचा और पीढ़ियों तक गहरी छाप छोड़ी।

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *