Menu
blogid : 24800 postid : 1264173

हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा

VIRENDER.VEER.MEHTA

  • 7 Posts
  • 1 Comment

कुछ ही दिन बीते हैं हमारे हिन्दी दिवस को, इस अवसर को याद करने के लिये हम हर वर्ष 14 सितंबर को पूरे देश में इसे मनाते है। इस दिन को हिन्दी दिवस के रुप में हमने मनाना शुरु किया गया वर्ष 1949 में 14 सितंबर से जब संवैधानिक सभा के द्वारा आधिकारिक भाषा के रुप में देवनागरी लिपी में लिखी हिन्दी को स्वीकृत किया गया।

पर सच कहा जाए तो हिन्दी भाषा आज अपने ही घर में किराएदार बन कर रह गयी है और विदेशी भाषा जो कभी मेहमान बनकर इस देश में आई थी, आज मकान मालिक बनकर हमारे सामने है।
वर्ष में दो चार दिन हिंदी के दिवस बना लेने से न तो हम हिंदी का कोई भला कर रहे है और न ही कोई हिंदी को लगातार ‘मृत भाषा’ की ओर बढने से रोक पा रहे है….
अब यदि हम अपनी मातृ भाषा के लिए कुछ कर सकते है तो सिर्फ इतना कि जहां तक संभव हो सके हमें इसे अपने दैनिक जीवन और समाज में जीवित रखना होगा। क्योंकि आधिकारिक तौर पर तो हिंदी भाषा अब ‘हिन्दी दिवस’ और ‘हिन्दी सप्ताह’ में सिमट कर रह गयी है। हमें उन लोगों का सम्मान करना चाहिए जो आज भी अपनी दैनिक दिनचर्या में अपने सभी कार्य हिंदी में करना पसंद करते है।
साधुवाद है उन सभी संस्थाओँ को और फेसबुक समूहो को, जो लोगों को जोड़ने के साथ साथ हिन्दी को लोकप्रिय बना रहे है और यही नहीं बल्कि समाज में हिन्दी को एक सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करने का कार्य भी कर रहे है। तो आईये एक कदम हम भी आगे बढाये और अपनी हिंदी को किसी एक दिन की भाषा न बनाकर इसे प्रत्येक दिन और प्रत्येक क्षण की भाषा बनाए और हिंदी को इसका पुराना गौरव वापिस लौटाए ताकि सभी गर्व से कह सके….. हिंदी है हम, वतन हिन्दोस्तां हमारा……

विरेंदर वीर मेहता

Tags:   

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *