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एक स्मार्ट कार बढ़ाए जिंदगी की रफ्तार

तकनीक-ए- जहॉ

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एक बेहद नए और क्रांतिकारी इजाद के तहत कार और इंसान के बीच सहयोग बढ़ने का रास्ता खुलने की संभावना बढ़ गयी है. यदि आप ऐसे आविष्कार से सुसज्जित कार के ड्राइवर हैं तो आपको बस सोचना है, बाकी काम यह कार खुद कर लेगी. जर्मनी के आविष्कारकों ने ऐसी स्वचालित कार विकसित करने का दावा किया है जिसकी स्पीड और दिशा को ड्राइवर की सोच के जरिए तय किया जा सकता है.


जैसे यदि ऑफिस जा रहे हों तो आपको केवल सोचना भर है कि किस रास्ते से जाना है, यह कार आपको उस रास्ते से ले जाएगी. इतना ही नहीं, यह रास्ते में आने वाले सभी अवरोधों से बचकर अपना रास्ता तय कर सकेगी.


बेसिक फीचर


इस स्मार्ट, अर्ध-स्वचालित वॉक्सवैगन पासेट (volkswagen passat) को “मेड इन जर्मनी” Made in Germany (MIG) नाम दिया गया है.


विकलांग लोग जो कार को नहीं चला सकते वह भी कम से कम कार की कुछ प्रणालियों को नियंत्रित कर सकेंगे.


कार में लेसर रडार, माइक्रोवेव रडार और स्टीरियो कैमरा लगाए गए हैं. इनके जरिए कार 360 डिग्री पर अवरोधों की पहचान कर सकती है.


यह कार 200 मीटर दूरी से ही सामने पड़ने वाले आघात को सूंघ कर बचाव कर सकती है.


यह कार खुद ही ड्राइविंग करने में सक्षम है और आइपैड या आइफोन की तरह रोचक कंट्रोल सिस्टमों के साथ जुड़ी रहती है.


प्रायोगिक परीक्षण


इसके परीक्षण के लिए बर्लिन की फ्री यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने ड्राइवर को 16 इलेक्ट्रो इंसेफेलोग्राम (ईईजी) सेंसरों वाला माइंड कंट्रोल हेडसेट पहनाया. यह पूरी प्रणाली एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट के साथ जुड़ी रहती है जिससे ड्राइवरों के कुछ सुनिश्चित विचार दिमागी तरंगों के जरिए सिस्टम तक पहुंचते हैं.


बर्लिन के टेंफेलहॉफ हवाईअड्डे पर किए गए परीक्षणों में मस्तिष्क से नियंत्रित हो सकने वाली पासेट ने अच्छा प्रदर्शन किया. इस कार के निर्माताओं का कहना है कि “हमारे परीक्षणों में दिखा है कि दिए गए निर्देश और कार की वास्तविक प्रतिक्रिया में जरा सा फर्क था.” हालांकि अभी तक यह तकनीक सिर्फ एक प्रायोगिक परीक्षण के दौर में है जिसके वास्तविक रूप से संचालन में लंबा वक्त लग सकता है.

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