Menu
blogid : 14530 postid : 1387548

खबरों की भीड़ में

tarkeshkumarojha

tarkeshkumarojha

  • 319 Posts
  • 96 Comments

पहले से जिंदा लाश की तरह जीने वाले समाज के गरीब तबके की जिंदगी को कोरोना महामारी और लॉक डाउन की विडंबना ने और मुश्किल बना दिया है। घोर आश्चर्य कि खबरों की दुनिया से यही आम आदमी गायब है। इसी विसंगति पर पेश है खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा की चंद लाइनें ….

 

खबरों की भीड़ में,
राजनेताओं का रोग है .
अभिनेताओं के टवीट्स हैं .
अभिनेत्रियों का फरेब है .
खिलाड़ियों की उमंग है
अमीरों की अमीरी हैं .
कोरिया-चीन है
तो अमेरिका और पाकिस्तान भी है .
लेकिन इस भीड़ से गायब है वो आम आदमी
जो चौराहे पर हतप्रभ खड़ा है .
जो कोरोना से डरा हुआ तो है लेकिन
जिसे चिंता वैक्सीन की नहीं
यह जानने की है ट्रेनें कब चलेंगी ,
जो उसे उसकी मंजिल पर नहीं
तो कम से कम वहां पहुंचा दे
जहां उसे रोटी मिल सके .
खबरों की भीड़ से
बिल्कुल ही गायब है .
अस्पतालों की कतारों में धक्के खाता
वो आम आदमी
जो सितारे भी बनाता है
और सरकार भी

 

 

डिस्क्लेमर: उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जागरण डॉट कॉम किसी भी दावे या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है।

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply