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युवराज से यमराज

Yuvraj Singhपहले था वह टीम इंडिया का मैचविनर, छक्के मारना था उसका शौक. लेकिन अब आ गया है उसमें घमंड, छक्के तो छोड़ो अब रन भी नहीं बनते, ऐसे में टीम में रखकर उसको ढोने से क्या फायदा. दूसरे भी हैं पंक्ति में जो ज़रूर अच्छा प्रदर्शन करेंगे भगवान नहीं तो यमराज तो ना ही बनेंगे.

कल टीम इंडिया को युवराज सिंह की बहुत ज़रूरत थी. 11 ओवर के अंदर ही तीन विकेट खोने के बाद क्रिकेट प्रेमियों ने युवराज सिंह से ज़रूर ही आस लगाई होगी कि वह एक अच्छी पारी खेलेंगे और टीम इंडिया के सूत्रधार बनेंगे. युवराज सिंह के लिए भी यह अच्छा मौका था कि वह अच्छा प्रदर्शन करें और अपनी खोई हुई फॉर्म वापस लाएं. लेकिन डरबन में एक बार फिर युवराज सिंह ने सब को निराश किया और केवल दो रन बनाकर आउट हो गए और सब को जता गए कि उनसे उम्मीद करना बेमानी है.

पिछले कुछ दिनों से युवराज सिंह का फॉर्म इतना खराब चल रहा है कि उन्हें तो में टीम में होना ही नहीं चाहिए था लेकिन वह तो उनके पुराने कारनामे हैं जो उनको अभी तक टीम में बनाए रखे हैं वरना इस समय टीम में उनका कोई काम नहीं है. 17 पारियां केवल दो अर्धशतक और 27 रनों का औसत यह उस युवराज सिंह की व्याख्या नहीं करता जिसे हमने स्टुअर्ट ब्रॉड पर छः छक्के लगाते देखा था. लगता है कि सही में युवी पर घमंड छा गया है तभी तो बार-बार मौके देने पर भी वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं.

युवराज सिंह को इतना मौका देना टीम इंडिया के लिए सिर्फ घाटे का सौदा रहा है क्योंकि अगर युवराज सिंह खेलते हैं तो इससे दूसरे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पाता और अगर ऐसा होता है तो शायद हमें एक टैलेंट से हाथ धोना पड़े. दूसरा, युवी मध्यम पंक्ति में खेलते हैं और उनका बल्लेबाज़ी क्रम धोनी और रैना से ऊपर होता है जिससे इन खिलाड़ियों को ज़्यादा मौका नहीं मिल पाता. दोनों खिलाड़ी मैचविनर हैं और एकदिवसीय मैचों के स्पेशलिस्ट. इसके अलावा दोनों खिलाड़ी फॉर्म में भी हैं और एकदिवसीय क्रिकेट का नियम कहता है कि उस खिलाड़ी को सबसे ज़्यादा गेंदें खेलनी चाहिए जो फॉर्म में हो क्योंकि अगर उसको ज़्यादा मौका मिलेगा तो वह खिलाड़ी एक मैच जिताऊ पारी खेल सकता है. ऐसे में युवराज दो खिलाड़ियों का स्थान रोके लगते हैं.

विश्व कप शुरू होने में एक महीने का समय शेष है. ऐसे में हमें टीम की सभी कमज़ोर कड़ियों को सुधारना होगा और इस समय टीम की सबसे कमज़ोर कड़ी युवराज सिंह हैं अगर मौजूदा समय में उनकी जगह युसूफ पठान को मौका दिया जाए तो ज़्यादा उचित होगा क्योंकि युसूफ अभी फॉर्म में भी हैं और इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. इसके साथ-साथ युवराज सिंह को इस चेतावनी का भी सामना करना पड़ सकता है कि जब गौतम गंभीर और वीरेन्द्र सहवाग की एकदिवसीय टीम में वापसी होगी तो ऐसे में युवराज सिंह क्या करेंगे.

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