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World Cup Countdown: विश्वकप के इतिहास के वो खतरनाक गेंदबाज, जिन्होंने झटके सबसे ज्यादा विकेट

Pratima Jaiswal

17 May, 2019

आईपीएल खत्म होते के साथ वर्ल्डकप की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। ऐसे में आईपीएल की थकान को मिटाकर खिलाड़ी वापस से प्रैक्टिस में लगे हैं। आईसीसी वनडे विश्व कप का आयोजन 30 मई से इंग्लैंड एंड वेल्स में होगा, जहां 10 टीमें अपनी किस्मत आजमाती हुई नजर आएंगी। अब देखना यह है कि वर्ल्डकप किस टीम के नाम होता है। आइए, एक नजर डालते हैं वर्ल्डकप फ्लैशबैक पर। आज हम आपको ऐसे गेंदबाजों के बारे में बताएंगे, जिनका वर्ल्डकप में शानदार प्रदर्शन रहा है। इन गेंदबाजों ने सबसे ज्यादा विकट झटके हैं।

 

 

ग्लेन मैक्ग्रा (ऑस्ट्रेलिया) – 71 विकेट
अपनी सटीक लाइन और लेंथ के लिए विख्या(त ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्ले न मैक्ग्रा विश्वै कप के महान गेंदबाज हैं। मैक्ग्रा ने विश्व कप के 39 मैचों में कुल 71 विकेट अपने नाम किए हैं। मैक्ग्रा ने अपने डेब्यू वर्ल्डकप (1996) में 7 मैचों में 6 विकेट लिए थे। इसके बाद 1999 के विश्व कप में 20 विकेट लिए जहां ऑस्ट्रेलिया की टीम चैंपियन बनी। इस विश्व कप में सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में ये ऑस्ट्रेलियाई पेसर तीसरे स्थाेन पर रहा। 2003 में ऑस्ट्रेलिया ने अपना विश्व खिताब बरकरार रखा। मैक्ग्रा ने इस विश्वा कप में 23 विकेट लिए और सबसे अधिक विकेट लेने के मामले में यहां भी तीसरे स्थान पर रहे। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस टूर्नामेंट में अजेय रही। अपने चौथे और अंतिम वर्ल्ड कप में मैक्ग्रा ने 13.73 की औसत से कुल 26 विकेट निकालकर नए बेंच मार्क स्थातपित किए। किसी एक विश्व‍ कप में ये सबसे अधिक विकेट किसी गेंदबाज का था। उन्होंने अपना वनडे कॅरियर 2007 के विश्व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहकर खत्म किया।

 

मुथैया मुरलीधरन

 

 

महान श्रीलंकाई दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन नाम के मोहताज नहीं हैं। टेस्ट में रिकॉर्ड 800 विकेट अपने नाम करने वाले मुरलीधरन वर्ल्डी में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। मुरलीधरन ने 5 वर्ल्ड कप खेले हैं। उन्होंने इस दौरान 40 मैचों में 19.63 की औसत से कुल 68 विकेट चटकाए हैं जिसमें चार बार 4 या इससे अधिक बार किसी एक मैच में विकेट लिए हैं। मुरलीधरन ने 1996 और 1999 विश्व कप के 11 मैचों में 13 विकेट चटकाए थे। 2003 के वर्ल्ड कप में इस श्रीलंकाई गेंदबाज ने 10 मैचों में 17 विकेट अपनी झोली में डाले थे। 2007 के वर्ल्ड कप में श्रीलंका को फाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान देने वाले मुरलीधरन ने 10 मैचों में 23 विकेट चटकाए थे। मुरली 2011 विश्वप कप में भी श्रींका की ओर से सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाज रहे। उन्हों ने 9 मैचों में 15 विकेट लिए जो उनका अंतिम वर्ड् स कप साबित हुआ। श्रीलंकाई टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी।

 

वसीम अकरम (पाकिस्तान)- 55 विकेट

 

 

वनडे में 502 विकेट चटकाने वाले पाकिस्तान के बांए हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने 5 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। उन्होंने इस दौरान कुल 38 मैच खेले जिसमें 23.83 की औसत से कुल 55 विकेट अपने नाम किए। अकरम वर्ल्डं कप के इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। 1987 का वर्ल्ड कप अकरम के लिए डेब्यू विश्व कप था। उन्होंने उस वर्ल्ड कप में कुल 7 विकेट लिए थे। इसके बाद उनका प्रदर्शन निखरता चला गया। अगले विश्व कप में अकरम ने 10 मैचों में 18 विकेट निकाले जब पाकिस्तान की टीम चैंपियन बनी।जब विश्व कप की सब कॉन्टिनेंट में वापसी हुई, वो विश्‍व कप अकरम के लिए भूल जाने वाला रहा। अकरम ने 5 मैचों में केवल 3 विकेट लिए। इसके बाद 1999 के वर्ल्ड कप में अकरम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 विकेट निकाले थे और पाकिस्ता न को फाइनल में पहुंचाया था। साल 2003 के वर्ल्ड कप में अकरम ने 16.75 की औसत से कुल 12 विकेट अपने नाम किए। हालांकि, पाक टीम ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई थी।

 

चामिंडा वास (श्रीलंका)- 49 विकेट

 

 

श्रीलंका के बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास वनडे इंटरनेशनल में सबसे अधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। वास ने वनडे में कुल 400 विकेट अपने नाम किए हैं। वास के पहले वर्ल्डो कप में ही श्रीलंका की टीम चैंपियन बनी थी। हालांकि वो विश्व कप व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अच्छा नहीं रहा। शुरुआती दो चतुष्कोणीय टूर्नामेंट में वास ने 11 मैचों में कुल 13 विकेट निकाले।

जहीर खान (भारत)- 44 विकेट

 

 

भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक जहीर खान ने तीन वर्ल्ड कप खेले हैं। पहली बार 2003 में वर्ल्ड कप खेलने वाले इस बाएं हाथ के पूर्व पेसर ने 18 अपने नाम किए थे। जहीर उस समय वर्ल्ड् कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज रहे थे। उस विश्व‍ कप के फाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने थीं। फाइनल में जहीर का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने 8 ओवर में बिना कोई विकेट हासिल किए 67 रन लुटा दिए थे। 2007 का वर्ल्ड कप भारत के लिए बेहद निराशाजनक रहा था। उस विश्व कप में टीम इंडिया तीन मैच में से दो मैच हारकर ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई थी। जहीर ने उस विश्व कप में 5 विकेट लिए थे। 2011 विश्व कप में जहीर ने 21 विकेट अपने नाम किए थे। भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार विश्वे चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।…Next

 

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