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वीरेंद्र सहवाग – तुझे सलाम

मुस्कान और हंसी, खुशी और उल्लास
नई सुबह लाए खुशियां अपार

जागरण जंक्शन की तरफ़ से वीरेंद्र सहवाग को उनके 32वें जन्मदिन पर ढेरों बधाइयां.

Virender Sehwag Hindi Blogहालिया दिनों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान इयान चैपल ने अपनी टेस्ट क्रिकेट की ड्रीम टीम में सहवाग का ओपनिंग बल्लेबाज़ के तौर पर चयन किया और सहवाग का यह कहते हुए अभिवादन किया कि “सहवाग विश्व के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ है, वह किसी भी मैच का रुख कभी भी बदल सकते हैं और इयान चैपल का यह कहना भी है कि वह कभी भी कहीं भी अपने जेब से पैसा खर्च कर उनकी बल्लेबाज़ी देखना चाहेंगे”. गौर करने वाली यह बात है कि इस टीम में महान बल्लेबाज़ सर डान ब्रैडमैन और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम नहीं था.

“नज़फगढ़ का नवाब” विरेंद्र सहवाग का कहना है कि उनके हरफनमौला खेल का राज़ दूध है और वह हर रोज़ दूध पीते हैं.

विरेंद्र सहवाग एक परिचय

Virender Sehwag Hindi Blogजन्म: 20 अक्तूबर, 1978 (दिल्ली)
टीम: भारत, दिल्ली, लिसेस्टरशायर, देलही डेयरडेविल्स
पहला टेस्ट: नवंबर 2001 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ (ब्लूमफोंटिन)
पहला वनडे: अप्रैल 1999 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ (मोहाली)
पहला ट्वेन्टी 20: दिसंबर 2006 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ (जोहानेसबर्ग)
टेस्ट: 81, रन: 7152, सर्वश्रेष्ठ: 319, औसत: 53.37, शतक: 21, विकेट: 39
वनडे: 228, रन: 7380, सर्वश्रेष्ठ: 146, औसत: 34.64, शतक: 13, विकेट: 92
टी-20: 14, रन: 313, सर्वश्रेष्ठ: 68, औसत: 24.07, शतक: 00, विकेट: 00

मुल्तान का सुल्तान कहें या कहें बारूद का गोला
टेस्ट हो या ओडीआई या फिर हो टी20
गेंदबाजों की पिटाई करना लगता है उसको अच्छा



विरेंद्र सहवाग विस्फोट का दूसरा नाम है जिसके सामने विश्व के सभी गेंदबाज़ गेंदबाजी करने से कतराते हैं. जब उनका बल्ला चलता है तो पूरा स्टेडियम चौकों-छक्कों की बरसात से सराबोर हो जाता है. टेस्ट क्रिकेट हो या एकदिवसीय या फिर हो टी20 क्रिकेट विरेंद्र सहवाग दुनिया के किसी भी आक्रमण की बखिया उधेड़ सकता है.

Virender Sehwag Hindi Blogअपने पहले ही टेस्ट में शतक जड़ने वाले सहवाग की तुलना उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर से की जाती है. लेकिन समय के साथ सहवाग ने साबित किया कि उनका अपना एक अलग स्टाइल है. सहवाग का खेल हैण्ड-आई कोऑर्डिनेशन पर आधारित है जिनका मूलमंत्र है कि अगर गेंद मारने वाली है हो उसे छोड़े क्यों. उनको तो यह पता है कि गेंद अगर गुड लेंथ में भी है तो वह रन बनाने के लिए है

किसी भी क्रिकेटर की तरह जहां सहवाग का अच्छा समय रहा है तो बुरा समय भी रहा है. 2007 के विश्व कप के बाद वह लंबे समय तक भारतीय टीम से अलग भी रहे लेकिन एक बेहतरीन क्रिकेटर की तरह उन्होंने ज़बरदस्त वापसी भी की. पिछले वर्ष टेस्ट क्रिकेट में उनका बल्ला इतना बोला कि उनको “टेस्ट क्रिकेटर ऑफ दी ईयर” के सम्मान से सम्मानित कर के गया.

विरेंद्र सहवाग की ज्योतिषीय विवरणिका देखने के लिए यहां क्लिक करें.

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