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ये है हिजाब वाली बॉडी बिल्डर लड़की, केरल की बनी सबसे ताकतवर महिला

Shilpi Singh

11 Sep, 2018

अगर मन में विश्वास और खुद का साथ हो तो आप बहुत सी मुश्किलों को एक चुटकी में हल कर सकते हैं। सपनों को पाने के लिए लोग न जाने ने किन-किन कठोर राहो से होकर गुजरते हैं, ऐसी ही कुछ कहानी है 23 साल की मजीजिया भानू की। भानू कोच्चि में मिस्टर केरल प्रतियोगिता को जितकर ये साबित कर दिया कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती है। दरअसल भानू केरल की रहान वाल हैं और एक मुस्लिम महिला है बावजू इसके उन्होंने बॉडी बिल्डिंग जैसे खेल को चुना और अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने हिजाब को नहीं छोड़ा बल्कि उसके साथ अपने सपनों को उड़ान दी।

 

 

 

हिजाब पहनकर की बॉडी बिल्डिंग

घर से निकलने से पहले मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनना बहुत ज़रूरी होता है। एसे में मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब आप इसी लिबास में किसी खेल को खेलें और खासकर तब जब आप बॉडी बिल्डिंग जैसी प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार कर रहे हों, लेकिन मजीजिया भानू ने अपने सपनों के आगे हिजाब को कभी नहीं आने दिया और वो कर दिखाया जो हर किसी के बस की बात नहीं होती है।

 

 

भानू ने हिजाब पहनकर लिया मिस्टर केरल प्रतियोगिता में हिस्सा

अक्सर महिलाओं के हिजाब पहनने पर कई विवाद सामने आते हैं, अगर कोई मुस्लिम महिला हिजाब नहीं पहनती तो उस पर काफी विवाद होता है। इन सारे विवादों को एक पल में मजीजिया भानू ने तोड़ दिया, भानू ने हिजाब पहनकर मिस्टर केरल प्रतियोगिता प्रतियोगिता में भाग लिया और जीता भी।

 

 

भानु आर्म-रेसलिंग और पॉवरलिफ्टिंग में एकमात्र मुस्लिम महिला

जब 23 साल की मजीजिया भानु इस साल की शुरुआत में कोच्चि में मिस्टर केरल प्रतियोगिता के महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मंच पर उतरीं, तो सभी की निगाहें उन पर ठिठक गईं। भानु का मानना है कि हिजाब कभी भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित किसी भी जुनूनी महिला के लिए बाधा नहीं है और अगर कोई महिला अपने शरीर को दिखाने के लिए स्वतंत्र है, तो उसे इसे ढकने के लिए भी स्वतंत्र होना चाहिए। चूंकि, भानु आर्म-रेसलिंग और पॉवरलिफ्टिंग की दुनिया में एकमात्र मुस्लिम महिला नहीं हैं।

 

 

ताकतवर महिला के रूप में तीन बार चुनी गई हैं

भानु न सिर्फ अपने गांव में, बल्कि केरल भर में मशहूर हैं। केरल स्टेट पॉवरलिफ्टिंग एसोसिएशन ने उन्हें राज्य की सबसे ताकतवर महिला के रूप में तीन बार चुना है। करियर शुरू करने के दो सालों में, उन्होंने पहले ही पॉवरलिफ्टिंग और आर्म-रेसलिंग में राष्ट्रीय पदक जीत लिए। भानू रोज दंगल के लिए 60 किलोमीटर दूर कोझिकोड की यात्रा ट्रेन से किया करती थीं।

 

 

डेंटल की भी छात्र हैं भानू

23 वर्षीय मजीजिया बानू कोझीकोड में ओर्ककटेरी से हैं और वह अंडर ग्रेजुएट दंत चिकित्सा अध्ययन के अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। डेंटल छात्रा के तौर पर वो ट्रेनिंग लेती हैं और अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर रही हैं। भानु अगले महीने तुर्की में होने वाले वर्ल्‍ड आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप-2018 में भाग लेने के लिए जबरदस्त तैयारी कर रही हैं।…Next

 

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