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12 की उम्र में कुश्ती शुरू की तो सब हंसते थे जब ओलंपिक मेडल जीता तो शाबासी देने लगे, जानें साक्षी मलिक की दिलचस्प स्टोरी

Rizwan Noor Khan

3 Sep, 2020

भारत की महिला पहलवान साक्षी मलिक को दुनियाभर में ख्याति हासिल है। उन्हें दुनिया की सबसे ताकतवर महिला पहलवानों में गिना जाता है। साक्षी मलिक के पहलवान बनने की कहानी काफी रोचक है। जब 12 साल की उम्र में अखाड़े में कुश्ती शुरू की तो लड़की समझकर कई लोग उन्हें कमतर आंकते थे, जबकि विरोधी हंसते थे।

घर में मिला पहलवानी का माहौल
हरियाणा के रोहतक में मोखरा गांव में 1992 में जन्मी साक्षी मलिक को पहलवानी विरासत में मिली थी। दिल्ली रोडवेज में कंडक्टर रहे साक्षी के पिता सुखबीर मलिक ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता बदलूराम जाने माने पहलवान थे। साक्षी को घर में और आसपास पहलवानी का माहौल मिला तो वह अखाड़े तक जाने लगी।

पहली बार कुश्ती शुरू की तो लोग हंसने लगे
12 साल की उम्र में साक्षी ने पहलवानी सीखनी शुरु की और पहली बार अखाड़े में पहलवान के तौर पर कदम रखा। शुरुआती दिनों में लोग उन्हें कमतर समझते थे। उस वक्त पर लड़कियों को कम ही पहलवानी में लाया जाता था। कुछ सालों में ही साक्षी ने इलाकाई कुश्ती टूर्नामेंट और जिलास्तरीय टूर्नामेंट में बड़े पहलवानों को मात देकर नाम कमा लिया।

17 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत बनाई पहचान
साक्षी मलिक ने 17 साल की उम्र में एशियन जूनियर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। साक्षी का यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। मनीला में 2009 में हो रहे एशियन जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में साक्षी मलिक पहुंची और अपनी ताकत और कला का लोहा मनवा दिया। इस टूर्नामेंट में वह सिल्वर मेडल जीतकर पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल हासिल किया।

2012 में एशियन जूनियर चैंपियन बनीं
बुडापेस्ट में 2010 में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भी साक्षी ने कमाल दिखाया और ब्रांज मेडल हासिल किया। 2012 में कजाखस्तान में आयोजित एशियन जूनियर चैंपियनशिप का खिताब उन्होंने गोल्ड मेडल ​जीतकर अपने नाम कर लिया। 2013 में जोहांसबर्ग में आयोजित कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में साक्षी ने ब्रांज हासिल किया।

रियो ओलंपिक में ब्रांज जीत रचा इतिहास
2016 के रियो ओलंपिक में साक्षी ने ब्रांज मेडल हासिल कर दुनिया में भारत का नाम रोशन कर दिया। इससे पहले साक्षी मलिक कई चैंपियनशिप में अलग अलग तरह के मेडल जीत चुकी थीं। साक्षी मलिक के पास अलग अलग कुश्ती चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल, तीन सिल्वर और सात ब्रांज मेडल हैं।

रेलवे की अफसर रैंक कर्मचारी हैं साक्षी
साक्षी मलिक ने 2017 में साथी पहलवान सत्यव्रत कादियान के साथ शादी कर ली। साक्षी मलिक ने महिला पहलवानों की दुनिया में खूब नाम कमाया। उन्हें सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा जा चुका है। जबकि, वह देश प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। साक्षी मलिक रेलवे में गजटेड आफिसर की रैंक में पोस्टेड हैं।…NEXT

 

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