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क्रिकेट से कहीं ज्यादा अमीर और मशूहर है फुटबॉल, इन मामलों में भी आगे

Shilpi Singh

18 Jun, 2018

दुनिया का सबसे बड़े खेल का फेस्टिवल फीफा वर्ल्ड कप शुरू हो गया है, इसका क्रेज न केवल दुनियाभर में बल्कि भारतीयों में भी देखने को मिल रहा है। भारत में फुटबॉल की स्थिती इतनी बेहतरीन नहीं है, लेकिन इंडियन सुपर लीग के आने के बाद से लोग अब क्रिकेट के अलावा फुटबॉल को भी अपना समय दे रहे हैं। खासकर तब से जब से भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने सोशल मीडिया के ज़रिए फैन्स से अपील की थी वो मुंबई में हो रहे कॉन्टीनेंटल टूर्नामेंट में टीम को सपोर्ट करने आएं। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिन में भारत में क्रिकेट के अलावा फुटबॉल का भी क्रेज देखने को मिलेगा। वैसे भारत में जहां क्रिकेट को एक तरह से पूजा जाता है वहीं, फुटबॉल को उतनी तव्वजो नहीं दी जाती है। जेंटलमैन्स गेम कहे जाने वाले क्रिकेट की पहचान कुछ देशों तक ही सीमित है। वहीं, दूसरी तरफ फुटबॉल पूरी दुनिया में छाप छोड़ चुका है। सिर्फ इतना ही नहीं फुटबॉल में क्रिकेट से कहीं ज़्यादा पैसा लगा होता है।

 

 

32 टीमें लेती हैं फुटबॉल में हिस्सा

फीफा का फीवर लोगों पर चढ़ चुका आने वाले अगले महीने तक हर तरफ इसी की चर्चा होगी। वैसे क्रिकेट विश्व कप में महज कुछ टीमें ही हिस्सा लेती हैं, लेकिन फुटबॉल के विश्व कप में करीब 32 टीमें हिस्सा लेती हैं। खास बात ये है कि फुटबॉल के विश्व कप की राशि 255 करोड़ है जो पिछले साल के मुकाबले में कही अदिक है। इतना ही नहीं रनअरप के साथ तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को भी अच्छी रकम मिलती है। वहीं जो टीम खेल का हिस्सा रहती है उन्हें भी पैसे मिलते हैं।

 

 

क्रिकेट से अधिक होती है फुटबॉल की प्राइज मनी

अगर फुटबॉल की बात करें तो यहां की इनामी राशि क्रिकेट से कई गुना अधिक होती है। क्रिकेट की इनामी राशि फुटबॉल वर्ल्ड कप से करीब 80 गुना कम है। जहां 2014 में हुए फीफा वर्ल्ड कप में जीतने वाली टीम को 35 मिलियन डॉलर ईनाम दिए गए थे, वहीं क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 में आईसीसी ने विजेता टीम को 39 लाख 75000 डॉलर और उपविजेता को 17 लाख 50,000 डॉलर दिए थे। आंकड़ों के आधार पर दोनों वर्ल्ड कप की कोई तुलना ही नहीं है।

 

 

रेवेन्यू में कौन है आगे

फीफा हो चाहे आईसीसी, दोनों के लिए वर्ल्ड कप कमाई का बड़ा ज़रिया होता है। लेकिन दोनों ही इस दौरान ख़ूब कमाई करते हैं लेकिन रेवेन्यू के मामले में आईसीसी के मुकाबले फीफा 100 गुना आगे है। फीपा ने पिछले साल हुए विश्व कपसे करीब 482 डॉलर कमाए ते, वहीं क्रिकेट ने अपने विश्व कप से महज 4.28 डॉलर।

 

 

क्रिकेट से कही ज्यादा टीमें फुटबॉल में

क्रिकेट वर्ल्ड कप की तुलना में फुटबॉल वर्ल्ड कप में तीन गुना ज्यादा देश हिस्सा बनते हैं। जहां 2014 क्रिकेट वर्ल्ड कप में 14 देश की टीमों ने हिस्सा लिया था वहीं रूस में हो रहे फीफा वर्ल्ड कप में 32 देश भाग ले रहे हैं। क्रिकेट के मुकाबले फीफा की टिकट कहीं महंगी होती है, लेकिन इसके बावजूद स्टेडियम ख़चाख़च भरे रहते हैं। 2014 में हुए फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियम में 53,592 दर्शक मौजूद थे। वहीं 2015 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान 21 हज़ार फैन्स स्टेडियम पहुंचे थे।

 

 

टीवी के दर्शक               

क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप दोनों ही ऐसे टूर्नामेंट हैं जिन्हें बड़ी संख्या में लोग फॉलो करते हैं। 2015 में क्रिकेट वर्ल्ड कप को 1.5 अरब लोगों ने देका था वहीं, फीफा को 3.2 अरब लोगं ने देखा थआ। फीफा तकरीबन 200 ब्रॉडकास्टर के ज़रिए ये प्रसारण करता है, जबकि क्रिकेट वर्ल्ड कप के लाइसेंस्ड ब्रॉडकास्टर महज़ 44 हैं।…Next

 

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