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[Cricket] कैसे बनाएं क्रिकेट को “ब्यूटीफुल गेम”

fifa-world-cup-2010हाल में दक्षिण अफ़्रीका में संपन्न हुए फीफा विश्व कप 2010 में भले 32 टीमों ने भाग लिया लेकिन फुटबॉल का नशा पूरी दुनिया ने महसूस किया. फीफा विश्व कप 11 जून से शुरू हुआ और 11 जुलाई तक चला इस बीच विंबलडन, टूर डी फ्रांस, एशिया कप क्रिकेट प्रतियोगिता, गोल्फ की प्रतियोगिताएं और भी बहुत कुछ घटा परन्तु फुटबॉल के सामने सब फीका रहा.

“फुटबॉल की शुमारी का ऐसा नशा था छाया,
ब्राज़ील और अर्जेंटीना की हार में पूरे बंगाल में मातम था छाया”


फुटबॉल विश्व कप के दौरान टीम इंडिया ने कई सालों बाद एशिया कप जीता लेकिन सभी अखबारों और समाचार चैनलों ने इस खबर की जगह विश्व कप की खबरों को विशेष दर्ज़ा दिया.

भारत में क्रिकेट धर्म है और क्रिकेटर भगवन लेकिन क्या यह क्रिकेट का यह हाल पूरी दुनिया में है? शायद इसका जवाब नहीं है. अगर आप विश्व के किसी भी कोने में जाकर रोनाल्डो, मैसी, काका या रूनी के बारे में पूछते है तो शायद ही कोई व्यक्ति मिलेगा जो इनको नहीं जानता परन्तु अगर आप स्पेन या ब्राज़ील में जाकर सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछते है तो जवाब नहीं मिलने की ज़्यादा गुंजाइश है.

हम क्रिकेट और इससे जुड़े पैसो की बात करते है, आईपीएल की फ्रेंचाइजी द्वारा खरीदे गए खिलाड़ियों की बात करते है जिनका अधिकतम दाम पांच करोड़ डालर होता है लेकिन क्या आप को पता है कि फुटबॉल का विश्व में सबसे महंगा खिलाड़ी रोनाल्डो है जिसको पिछले वर्ष रियल मैड्रिड ने 100 करोड़ डालर से भी ज़्यादा दाम में खरीदा था.

विश्व कप प्रतियोगिताएं

2011 का क्रिकेट विश्व कप भारत, बंगलादेश और श्रीलंका में होना है. जिसमें 22 में से 14 टीमों ने क्वालीफाई किया है. क्रिकेट विश्व कप में कुल मिलाकर 49 मैच खेले जाएंगे. अगर इसकी तुलना फुटबॉल विश्व कप से होती है तो पता चलता है कि फीफा विश्व कप के क्वालीफाइंग दौर में 204 टीमों ने भाग लिया, जिसमें से 32 टीमों ने विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया. क्रिकेट विश्व कप की तुलना में बहुत अधिक.

2011-world-cupकैसे फैलाएँ क्रिकेट का जादू

यह आईसीसी के अथक प्रयासों का ही फल है जिसके कारण आज क्रिकेट की ख्याति भी फ़ैल रही है. भले आज विश्व में टेस्ट खेलने वाले देशों की गिनती केवल 10 है, परन्तु यह आईसीसी के अथक प्रयासो का नतीजा ही है जो इससे जुड़ें असोसिएट देशों की गिनती 35 हो गई है और 61 देश इससे अफिलीएटेड है. लेकिन क्या आईसीसी के यह प्रयास काफ़ी है?

आज T20 क्रिकेट का नया स्तंभ बनकर उभरा है. जिसका सन्दर्भ क्रिकेट को नए शिखर तक पहुचाने से है. T20 क्रिकेट का सबसे अच्छा इसका छोटा होना है आज हमें निर्णय जानने के लिए 100 ओवरो तक या पांच दिन तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती बस कुछ घंटो में निर्णय आ जाता है और शायद यही कारण है जिसके कारण सभी उम्र के लोग इसको पसंद करते है. इसका सबसे अच्छा उदाहरण आईपीएल है जिसे दूसरे देशों में भी देखा गया.

पूर्व और पश्चिम अमेरिका में क्रिकेट अभी शुरू हुआ है. यूरोप के अधिकतर देश इससे जुड़ना चाहते है और एशिया में यह केवल भारतीय उपमहाद्वीप में खेला जाता है. अगर आईसीसी को क्रिकेट को बढ़ाना है तो T20 क्रिकेट जादू की छड़ी का कार्य कर सकता है. इसके लिए ज़रुरी होगा कि आने वाले विश्व कप में अधिक से अधिक करीबन 32 देशों को खेलने का मौका दे जिससे उन देशों के लोग भी क्रिकेट को जान सके और इससे जुड़ सके.

t20क्रिकेट को फ़ैलाने में एक बड़ा हाथ क्रिकेट का सबसे धनी बोर्ड बीसीसीआई भी कर सकता है. अभी तक बीसीसीआई ने क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है चाहे वह जिम्बाब्वे और बांग्लादेश देश को टेस्ट खेलने का दर्ज़ा दिलाना हो या फिर फुटबॉल की क्लब प्रतियोगिताओं की तरह आईपीएल शुरू करना हो. अब बीसीसीआई को एशिया में क्रिकेट को फ़ैलाने का कार्य करना होगा जिससे अगली बार हम भी क्रिकेट को “ब्यूटीफुल गेम” कह सके.

This blog is about how cricket can be made as popular as football. In the time of the FIFA world cup people were crazy about the game and rest other games were un-noticed about that time. It’s up to ICC to make cricket a “Beautiful Game”.

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