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कन्कसन नियम के तहत जड़ेजा की जगह बॉलिंग कर पाए चहल, जानें क्या है नियम की शर्तें और कब लागू हुआ

Rizwan Noor Khan

4 Dec, 2020

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज के पहले मैच में आईसीसी का कन्कसन नियम चर्चा में आ गया। दरअसल, जब बैटिंग के दौरान रविंद्र जड़ेजा चोटिल हुए तो उनकी जगह युजवेंद्र चहल को बतौर सब्सीट्यूट प्लेयर टीम में शामिल किया गया। युजवेंद्र चहल को कन्कसन नियम के तहत मैच में गेंदबाजी करने का भी मौका मिला। आईए जानते हैं क्या है कन्कसन नियम और इसका इतिहास।

युजवेंद्र चहल को मिला कन्कसन नियम का फायदा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कन्कसन सब्सीट्यूट प्लेयर के तौर पर टीम में शामिल हुए युजवेंद्र चहल ने विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को उबरने का मौका नहीं दिया। युजवेंद्र चहल को प्लेइंग इलेवेन में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन रविंद्र जड़ेजा के सिर में बॉल लगने की वजह से कन्कसन नियम का फायदा भारतीय टीम को मिला और युजवेंद्र मैदान में उतरे और 3 विकेट चटकाए।

खिलाड़ी की मौत के बाद बनी नियम की रूपरेखा
2014 में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ​फिलिप हॉग्स की प्रथम श्रेणी मैच के दौरान सिर में बॉल लगने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना से क्रिकेट जगत को गहरा झटका लगा था और ​आईसीसी को इस तरह की घटना से बचने के लिए उपाय खोजना था। आईसीसी ने खिलाड़ी के सिर में चोट लगने की स्थित में उसकी जगह लेने वाले सब्सीट्यूट खिलाड़ी को उसकी तरह ही बैटिंग, बॉलिंग या फील्डिंग करने की अनुमति दी। इस नियम को कन्कसन सब्सीट्यूट का नाम दिया गया।

2 साल ट्रायल के बाद 2019 में लागू हुआ नियम
इस नियम को 2 साल के लिए डॉमेस्टिक क्रिकेट में ट्रायल के तौर पर परखा गया। इसके बाद आईसीसी ने कन्कसन नियम को तीनों फॉर्मेट समेत डॉमेस्टिक क्रिकेट में 17 अगस्त 2019 को लागू कर दिया था। मूलता इस नियम के तहत आईसीसी ने यह अनुमति दी है कि अगर मैच खेलते वक्त किसी खिलाड़ी को सिर में चोट लगती है तो उसकी जगह आने वाला खिलाड़ी चोटिल प्लेयर की तरह ही हो। यानी अगर चोटिल प्लेयर बल्लेबाज तो बल्लेबाज आएगा और वह गेंदबाज था तो उसकी जगह गेंदबाज ही लेगा।

मार्नस लाबूशाने थे पहले कन्कसन सब्सीट्यूट खिलाड़ी
कन्कसन नियम के तहत सबसे पहले सब्सीट्यूट खिलाड़ी आस्ट्रेलिया के मार्नस लाबूशाने थे। उन्हें स्टीव स्मिथ के सिर में चोट लगने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ खेलने का मौका मिला था। नियम के तहत मैच के दौरान किसी खिलाड़ी के सिर में चोट लगने के बाद कन्कसन नियम लागू करने की मंजूरी देने का हक मैच रेफरी को होता है। भारत और आस्ट्रेलिया के मैच में भी रेफरी ने युजवेंद्र चहल को रविंद्र जड़ेजा की जगह लेने की अनुमति दी थी।…NEXT

 

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