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सवालों से घिरा राष्ट्रमंडल खेल

2010-Commonwealth-Gamesक्या सरकार का आश्वासन सही साबित होगा? क्या भ्रष्टाचार और विलंब की आशंकाओं से घिरे राष्ट्रमंडल खेलों का कार्य सही समय पर समाप्त हो पाएगा? क्या सुरेश कलमाड़ी 18 अगस्त की समय सीमा से पहले माइक हूपर को प्रत्येक सरकारी एजेंसियों की रिपोर्ट पेश कर पाएंगे? और क्या होगा दरबारी का?

इन सवालों का जवाब तो आने वाला समय ही बता पाएगा परन्तु शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेड्डी की मानें तो उनके अनुसार खेल संबंधी परियोजनाओं की तैयारियां समय पर पूरी हो जाएंगी और इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन सर्वश्रेष्ठ होगा. उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि अगर भ्रष्टाचार के आरोपों में कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा भले ही वह लंदन या टिम्बकटू में जाकर क्यों न छुप जाए.

Common Wealth Games 2010रेड्डी ने हालांकि भ्रष्टाचार की आशंकाओं से पूरी तरह इन्कार भी नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं कहता कि अनियमितता नहीं हुई होगी, कौन कह सकता है कि इसकी गुंजाइश नहीं है. वैसे रेड्डी जी भ्रष्टाचार की आशंकाओं को खारिज़ भी नहीं कर सकते क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो क्यों राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति संयुक्त महानिदेशक टीएस दरबारी का दरबार बंद करा देती. वैसे टीएस दरबारी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के साथ-साथ लंदन में क्वींस बेटन रिले के लांच के दौरान घपला करने और अन्य भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं. अतः इसके चलते ‘दरबारी को उनकी सेवाओं से तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है.’

एक दूसरा संकट जिसने इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों को घेरा है वह माइक हूपर द्वारा दी गई मोहलत है, जिसके अनुसार राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति[ओसी] को 18 अगस्त तक स्टेडियम देने के लिए जिम्मेदार प्रत्येक सरकारी एजेंसियों की रिपोर्ट उनके सामने प्रस्तुत करनी होगी जिसके अंतर्गत आयोजन समिति को एथलीटों की अग्नि से सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के संबंध में नियामक निकायों से प्रमाण पत्र प्राप्त कर के प्रस्तुत करने होंगे.

Common Wealth Games 2010वैसे हूपर तो आयोजन समिति के कार्य से बहुत नाखुश हैं क्योंकि केंद्रीय सतर्कता आयोग[सीवीसी] ने अपनी रिपोर्ट में खेलों के स्थलों पर नियंत्रण में कई तरह की कमियों पर ध्यान दिलाया था. परन्तु खेल मंत्री एम एस गिल के आश्वासन के बाद हूपर कुछ आश्वस्त दिखे थे. लेकिन क्या राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी त्रुटियों पर पूरा कार्य समय से हो पाएगा या फिर सुरेश कलमाड़ी लीपापोती से काम चलाएंगे? यह तो 18 अगस्त को ही पता चलेगा.

What will be the future of Common Wealth Games 2010? is perhaps the biggest question .This blog on Common Wealth Games that is going to be held in the month of October in Delhi is about the preview analysis of the work completed by the Organizing Committee. Corruption and Fraud are the two words that is commonly related to the Common Wealth Games 2010. Recently Mr. Darbar was shown the exit game because of name was prominent on the Queen’s Baton Scam. Hooper the president of CWG has given 18th August as the dead Line for Suresh Kalmadi to submit all the documents pertaining to the work and safety progress.

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