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फिर दिल दो हॉकी को


FIH-hockey-worldcup-2010

हॉकी का विश्व कप इस वर्ष भारत में हो रहा है. यह बड़े ही गर्व की बात है कि भारत के राष्ट्रीय खेल के विश्व कप का आयोजन भारत में ही हो रहा है. यह हॉकी इतिहास का 12वां विश्व कप है. भारत को हॉकी विश्वकप के आयोजन के लिए बडी परेशानियों का सामना करना पड़ा. परंतु सभी परेशानियों के बावजूद 18 जुलाई, 2008 को भारत को इसकी मेजबानी करने का अधिकार मिल गया.

इसका प्रायोजन हीरो होण्डा कर रही है और पूरे कार्यक्रम का नाम “ हीरो होण्डा एफाआईएच वल्ड कप ” रखा गया हैं. यह बहुत ही सम्मान की बात है कि एक भारतीय कंपनी ही हमारे राष्ट्रीय खेल को स्पांसर कर रही है.


इतिहास

यहां यह जानना रोचक है कि हॉकी विश्व कप का पहला आयोजन स्पेन में सन 1971 में हुआ था जिसमें पाकिस्तान ने विजय हासिल की थी. इसके बाद से नौ बार इसका आयोजन हुआ और नौ अलग-अलग देशों ने इस कप पर अपना कब्जा जमाया है.

भारत का हॉकी-इतिहास

पहला हॉकी क्लब कोलकाता में 1885-86 में आया और जल्द ही मुंबई और पंजाब में भी क्लब बना. भारत ने विश्व हॉकी के अपने पहले प्रदार्पण श्रृखंला में ही गोल्ड मेडल जीता था. यह पहला मौका था जब भारतीय टीम विश्व के किसी दूसरे हिस्से में खेलने गई थी. यह मौका था एमस्टर्डम गेम्स का जो 1928 में हुए था यहां एक बात देखने की थी कि भारत ने एक भी गोल नही खाया था और पूरे विश्व ने मेजर ध्यानचंद्र के हॉकी की सराहना की थी. इसके बाद भारत ने एक के बाद एक छ: ओलम्पिक में गोल्ड जीता था.

पर 1960 में जब भारत, पाकिस्तान से फाइनल में हारा था तब से उसके रुतबे में गिरावट आने लगी. मगर यह भी सच है कि किसी भी एक पोजीशन पर सबसे ज्यादा समय तक रहने का रिकार्ड भी हमारे नाम ही रहा है.

एक बार फिर स्वागत है हॉकी विश्व कप का

इस बार हमारी हॉकी टीम पूरे दम-खम के साथ तैयार है पुराने इतिहास से पीछा छुडाने के लिए. हॉकी का पूरा आयोजन ध्यान चंद्र स्टेडियम, दिल्ली में होगा. 28 फरवरी, 2010 से यह संग्राम शुरु होगा जो 13 मार्च तक चलेगा. सबसे कमाल की बात तो यह है कि भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं.

दो अलग-अलग पूल्स

टीमों को दो पूल्स में बांटा गया है :
पूल ए : Argentina , Canada, Germany , Korea, Netherlands, New Zealand
पूल बी: Australia, England, India, Pakistan, South Africa, Spain


सामान्य दरों की टिकटें:

अगर आप टिकटों की कीमत की वजह से हमारे राष्ट्रीय खेल के मैचों को देखने नहीं जा रहे तो यह बहाना यहां नहीं चलेगा क्योंकि भारतीय हॉकी संघ ने टिकटों की कीमत इतनी कम रखी है कि आम आदमी भी बड़े मजे से मैच देख सके. हाकीप्रेमी टूर्नामेंट को देखने के लिए भारी तादाद में पहुंचेंगे जिससे देश में इस खेल को बढ़ावा मिलेगा.
टिकट चार श्रेणियों (जनरल, जनरल प्रीमियर, वीआईपी और वीवीआईपी) में उपलब्ध हैं। लीग मैचों के लिए इनके दाम क्रमश: 100, 500, 1,000 और 5,000 रुपये होंगे।
तेरह मार्च को होने वाले फाइनल की टिकटें 150, 750, 1,500 और 7,500 रुपये की होंगी।

कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

28 फरवरी को होने वाले पहले दिन के खेल में तीन मैच होंगे जिसमें सबसे अहम होगा भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच. यह भी संयोग है कि भारत-पाक का आमना-सामना पहले दिन ही हो जाएगा, जो रोमांच को काफी हद तक बढ़ा देगा.

इसके बाद प्रत्येक दिन लगातार रोमांच से भरे मैच होते रहेंगे. 9 मार्च को आखिरी ग्रुप मैच होंगे.

इसके बाद 11 मार्च से शुरु होगी फाइनल के लिए भीड़ंत . जिसमें अलग-अलग पुलों के विजेता आपस में भिड़ेगे. इसी तरह 12 मार्च को भी सेमीफाइनल ही चलेंगे. इन मैचों के बाद फाइनल में खेलने वाली टीमें सामने आ जाएंगी.

13 मार्च को होगी खिताबी जंग जिसमें 32 वें और 33 वें मैच के विजेता भिडेंगे.

तो क्या आप तैयार है अपने राष्ट्रीय खेल के प्रति अपने प्यार और उत्साह को दर्शाने के लिए?

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