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भारत की देखादेखी अमेरिका भी इस विधि से करेगा कोरोना मरीजों का इलाज, जिंदगी बचाने में सफल हुई है विधि

Rizwan Noor Khan

24 Aug, 2020

 

 

 

भारत में कोरोना मरीजों के इलाज में खास विधि का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस विधि से मरीजों को मरने से बचाने में काफी हद तक​ कामयाबी हासिल हुई और उन्हें बाद में बड़ी संख्या में मरीज रिकवर भी हुए हैं। इस विधि के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अमेरिका ने भी अपने मरीजों पर इस विधि के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

 

 

Image courtesy : Al Zazeera

 

 

प्लाज्मा थैरेपी से मिल रही मदद
दुनियाभर के लिए मुसीबत बन चुके कोरोना वायरस को पूरी तरह खत्म करने की यूं तो कोई भी दवा अब तक ईजाद नहीं की जा सकी है। लेकिन, कुछ चिकित्सा विधियों और दवाओं के इस्तेमाल से मरीज के इम्यून सिस्टम को मजबूत कर उन्हें मरने से बचाने में काफी हद तक मदद जरूरी मिली है। भारत में प्लाज्मा थैरिपी के जरिए मरीजों को बचाने में सहायता मिली है।

 

 

Image courtesy : Al Zazeera

 

 

अमेरिका ने दी प्लाज्मा थैरेपी को मंजूरी
भारत में प्लाज्मा थैरेपी के इस्तेमाल से कोरोना संक्रमितों को बचाने में मदद मिली है। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के फूड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने प्लाज्मा ​थैरेपी का इस्तेमाल अपने कोरोना मरीजों पर करने की मंजूरी दे दी है। रिसर्च के दौरान पाया गया कि प्लाज्मा थैरेपी से मरने वालों की संख्या में कमी आई है और संक्रमितों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।

 

 

Image courtesy : Al Zazeera

 

 

भारत जून से हो रहा प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल
भारत में कोरोना मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी के इस्तेमाल जून माह के अंत से हो रहा है। यही वजह कि भारत दुनिया में सबसे तेज रिकवरी करने वाला देश बन चुका है। भारत की रिकवरी दर 75 फीसदी पहुंच चुकी है। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने प्लाज्मा की कमी नहीं होने के लिए पहले से ही बैंक बना लिए हैं।

 

 

Image courtesy : Al Zazeera

 

 

क्या है प्लाज्मा थैरेपी और कैसे करती है ये काम
प्लाज्मा थैरेपी की प्रक्रिया में रक्त कोशिकाओं से प्लाज्मा को अलग किया जाता है। प्लाज्मा में इतनी ताकत होती है कि यह किसी भी बीमार व्यक्ति को स्वस्थ करने में कारगर है। आमतौर पर यह थैरेपी सबसे ज्यादा खिलाड़ियों के चोटिल होने पर इस्तेमाल होती है। या फिर किसी अंग के ट्रांसप्लांट के बाद रिकवरी में हो रही देरी पर भी प्लाज्मा ​थैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।

 

 

Image courtesy : Al Zazeera

 

 

प्लाज्मा से स्ट्रांग होता है इम्यून सिस्टम
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान आईसीएमआर ने जून में किए अपने शोध में पाया था कि प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना मरीजों को ठीक करने में मदद मिल सकती है। चिकित्सा विज्ञानियों के अनुसार कोरोना वायरस सबसे पहले लोगों के इम्यून सिस्टम पर हमला करता है और शरीर को कमजोर करने के बाद श्वसन तंत्र पर हावी हो जाता है। प्लाज्मा थैरेपी इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग करने में मदद करती है।

 

 

 

 

कैसे और किससे मिलेगा प्लाज्मा
प्लाज्मा उन्हीं लोगों के शरीर से लिया जा सकता है जो कोरोना से जंग जीतकर ठीक हो चुके हों। ऐसे लोगों के ठीक होने का समय 14 दिन से ज्यादा हो चुका हो। इसके अलावा 18 से 60 वर्ष के बीच के लोग जिनका वजन 50 किलो से कम नहीं है उनके शरीर से प्लाज्मा लिया जा सकता है। मां बन चुकीं या प्रेगनेंट महिलाएं और किसी गंभीर बीमारी का​ शिकार रहे लोगों का प्लाज्मा कोरोना मरीज पर इस्तेमाल नहीं किया जाता है।..NEXT

 

 

 

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