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बजट में किसे क्‍या मिला और क्‍या हुए नए ऐलान, यहां जानें बजट की 21 बड़ी बातें

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 1 Feb, 2021

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021-22 पेश किया। बजट में स्‍वास्‍थ्‍य, परिवहन ढांचे की मजबूती के साथ जल, राशन, शहर स्‍वच्‍छता, मध्‍यम वर्ग के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया गया। इस बजट में टैक्‍स, बीमा, किसान, उद्योगों पर भी ध्‍यान दिया गया है। आइये जानते हैं इस बजट में किसे क्‍या मिला और इसकी 21 बड़ी बातें।

Finance Minister Nirmala Sitharaman Presents Union Budget 2021. Image ANI

1- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि आगामी जनगणना भारत के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए मैंने 3,768 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

2- डिजि​टल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ये पैसे एक स्कीम पर खर्च किए जाएंगे जिसमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय इंसेंटिव दिया जाएगा।

3- छोटे करदाताओं के लिए मैं एक विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं जो पार्दर्शिता सुनिश्चित करेगी। 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले लोग समिति के पास जा सकते हैं।

4- गेहूं के लिए किसानों को 75,060 और दालों के लिए 10,503 करोड़ का भुगतान। धान की भुगतान राशि 1,72,752 करोड़ होने का अनुमान। कृषि उत्पादों के निर्यात में 22 और उत्पादों को शामिल किया जाएगा।

5- उज्जवला स्कीम में एक करोड़ और लाभार्थी शामिल होंगे। बीमा कंपनियों में FDI को 49% से बढ़ाकर 74 % करने का प्रावधान किया गया है।

6- असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और प्रवासी मज़दूरों के लिए पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इस पर बिल्डिंग और कंस्ट्रक्टर ​श्रमिकों और अन्य श्रमिकों के बारे में जरूरी जान​कारियां इकट्ठी की जाएंगी।

7- 75 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों का टैक्स कम किया गया है। उन्हें आयकर रिटर्न दाखिल करने में छूट दी जाएगी।

8- ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को 30,000 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ किया जा रहा है। माइक्रो इरिगेशन फंड को 5,000 करोड़ से बढ़ाकर दोगुना करने का प्रस्ताव है।

9- गैर-सरकारी संगठनों, निजी स्कूलों और राज्यों की साझेदारी से 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन पर अगले 5 वर्ष में 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

10- बीमा अधिनियम 1938 में संशोधन करके बीमा कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 49% से बढ़ाकर 74% किया जाएगा।

11- केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर राज्य में एक गैस पाइप लाइन परियोजना शुरू की जाएगी। एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑपरेटर का गठन किया जाएगा।

12- यूरोप और जापान से और अधिक जहाजों को भारत लाने के प्रयास किए जाएंगे। रिसाइंकिलिंग कैपेसिटी जो लगभग 4.5 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन है उसे 2024 तक दो गुना किया जाएगा। इससे हमारे युवाओं के लिए 1.5 लाख अधिक नौकरियां पैदा होने का अनुमान है: वित्त मंत्री

13- कपड़ा अद्योग को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनने के लिए पीएलआई योजना के अतिरिक्त मेगा निवेश टेक्सटाइल्स पार्क योजना लॉन्च किया जाएगा। 3 वर्षों की अवधि में 7 टैक्सटाईल पार्क स्थापित किए जाएंगे।

14- वर्ष 2021-22 में एक हाइड्रोजन एनर्जी मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत ग्रीन पावर स्रोतों से हाइड्रोजन को पैदा किया जा सकेगा।

15- ऊर्जा क्षेत्र में एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा जिसमें उपभोक्ताओं को एक से ज़्यादा आपूर्तिकर्ता कंपनी में से चुनने का विकल्प दिया जाएगा।

16- जल जीवन मिशन (शहरी) लॉन्च किया जाएगा, इसका उद्देश्य 4,378 शहरी स्थानीय निकायों में 2.86 करोड़ घरेलू नल कनेक्शनों को सर्वसुलभ जल आपूर्ति व्यवस्था करना है।

17- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कहा कि वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर 2,23,846 करोड़ खर्च होंगे।

18- केंद्र की एक नई योजना प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लॉन्च की जाएगी, इस योजना पर 6 वर्षों में क़रीब 64,180 करोड़ खर्च होगा। वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर 2,23,846 करोड़ खर्च होंगे।

19- रेलवे के लिए रेल योजना 2030 तैयार है। रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ का प्रावधान हौ। सडक़ परिवहन मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है। मार्च 2022 तक 8,500 किलोमीटर और नेशनल हाईवे कॉरिडोर का अतिरिक्त 11,000 किलोमीटर को पूरा करेंगे।

20- भारत में बनी न्यूमोकोकल वैक्सीन अभी सिर्फ 5 राज्यों तक सीमित है, इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इससे वर्ष में 50,000 से ज़्यादा बच्चों की मौत को रोका जा सकेगा।

21- सरकार ने सबसे संवेदनशील वर्गों को सहारा देने के लिए, पीएमजीकेवाई, तीन आत्मनिर्भर पैकेज और बाद में की गईं घोषणाएं अपने आप में पांच मिनी बजट के समान थीं। आत्मनिर्भर पैकेजों ने ढांचागत सुधारों की हमारी गति को बढ़ाया।

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