Menu
blogid : 316 postid : 1389697

तूतीकोरिन ही नहीं, इन 5 जगहों पर भी विरोध में गई थीं कई जानें

Shilpi Singh

24 May, 2018

तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में वेदांता समूह की कंपनी इकाई स्टरलाइट इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के खिलाफ महीनों से प्रदर्शनचल रहा है, इस दौरान ये मामला हिंसक हो गया है। इस फायरिंग में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 लोग घायल बताए जा रहे हैं। आपको बता दें कि तूतीकोरिन में स्‍टरलाइट इंडस्ट्रीज इंडिया लि. की कॉपर यूनिट से होने वाले प्रदूषण के विरोध में स्थानीय लोग कई महीने से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने प्लांट में काम होने पर रोक लगा दी और धारा 144 लगा दी गई है। ऐसा नहीं है कि पहली बार ऐसा मामला सामने आ रहा है इसके पहले भी कई राज्यों में ऐसे मामलो सामने आएं हैं।

 

 

1. तमिलनाडु

13 हज़ार करोड़ की लागत से बना कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र तमिलनाडु के तिरुनेलवेली ज़िले में है और यहां भी कई बार झड़प का मामला आ रहा है। 2012 में तमिलनाडु के कुडनकुलम में इस प्लॉट को लेकर कई बार झड़प हुए हैं और इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों औऱ पुलिस के बीच झड़प हुआ जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई थी।

 

 

2. नंदीग्राम

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में नवंबर 2007 उस दौरान हिंसा फैली थी जब इंडोनेशिया की एक कंपनी सालिम ग्रुप के स्पेशल इकॉनोमिक जोन के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला सामने आया था। इस दौरान विरोद कर रहे लोगों पर पुलिस ने फायरिंग की थी और उसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी।

 

 

3. मानेसर

देश की सबसे बड़ी कंपनी में से एक मारुति सुजुकी में भी एक ऐसा ही मामला देखने को मिला था। 18 जुलाई 2012 को मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में हड़ताल के दौरान हुई हिंसा में जनरल मैनेजर अवनीश देव की जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी। वहीं हिंसा में  करीब 100 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद प्लांट के 525 श्रमिकों की नौकरी चली गई थी, यह हिंसा एक कर्मचारी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई के मुद्दे पर शुरू हुई थी।

 

 

4. पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में टाटा ग्रुप के रतन टाटा ने 18 मई 2006 को घोषणा की थी कि वह पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के सिंगुर में करीब 997 एकड़ जमीन पर लखटकिया कार फैक्टरी बनाएंगे। इसका विरोध हुआ और आखिरकार टाटा ने इस फैक्टी को गुजरात में लगी ली। नैनो प्लांट का विरोध कर रहे किसानों पर फायरिंग हुई थी और इस दौरान कई लोग घायल हुए थे।

 

 

5. गाजियाबाद

दिल्ली से सेट गाजियाबाद में 2004 मुलायम सिंह की सरकार के दौरान दादरी इलाके में 2500 एकड़ भूमि का अधिग्रहण रिलायंस (अनिल अंबानी समूह) के गैस आधारित पावर प्लांट के लिए किया गया था। मुआवजे से किसान नाखुश थे और इसी का विरोध कर रहे थे। इस दौरना वहां क स्थानिय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई और कई लोग घायल हो गए।…Next

 

Read More:

दूसरे बैंक का ATM यूज करना पड़ सकता है महंगा, जानें क्‍या है वजह

कैश की किल्लत से हैं परेशान, तो इन 4 तरीकों से मिल सकती है राहत

गाड़ियों पर छाए सिंदूरी हनुमान के स्टीकर, जानें क्या है राज!

 

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *