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वैक्सीन के सही रिजल्ट के लिए और व्यापक स्तर पर होंगे ट्रायल्स, टीनएजर्स पर भी परीक्षण की तैयारी

Rizwan Noor Khan

14 Sep, 2020

कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन का निर्माण चल रहा है। कई देश वैक्सीन विकसित करने के अलग अलग चरणों में काम कर रहे हैं। हाल ही में आस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के खतरनाक साइड इफेक्ट ने तमाम वैक्सीन निर्माताओं को ट्रायल्स को हल्के में नहीं लेने की चेतावनी दी थी। इस बीच वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर ने अपनी वैक्सीन के सही और पुख्ता परिणाम पाने के लिए ट्रायल्स को और व्यापक करने की तैयारी कर ली है। फाइजर परीक्षण में 16 से कम उम्र के किशोरों को भी शामिल करेगी।

Image courtesy : AFP

44 हजार नए वालंटियर्स को शामिल करने का ऐलान
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर अपने जर्मन पार्टनर दवा कंपनी बायोएनटेक के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन विकसित कर रही है। दोनों ने अपने तीसरे चरण के ट्रायल्स को और बढ़ाने की तैयारी की है। इस प्रपोजल के तहत फेज 3 ट्रायल्स में 44 हजार और लोगों को शामिल करने की तैयारी है।

अलग अलग एज ग्रुप के मरीज शामिल होंगे
रिपोर्ट के मुताबिक तीसरे चरण के व्यापक स्तर रिजल्ट पाने के उद्देश्य से अलग अलग एज ग्रुप और स्टेज के संक्रमित लोगों को शामिल करने की तैयारी है। इसके तहत फेज 3 के परीक्षण में 16 वर्ष से कम आयु के कोरोना मरीजों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि वैक्सीन के विविध रिजल्ट को हासिल कर वैक्सीन की सफलता को पुख्ता किया जा सके।

ब्रिटेन की वैक्सीन के साइड इफेक्ट के बाद तैयारी
माना जा रहा है कि ब्रिटेन की आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी आस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन के खतरनाक साइड इफेक्ट सामने आने के बाद फाइजर और बायोएनटेक ने अपनी वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षणों को और व्यापक स्तर पर करने की तैयारी की है। इससे विविध स्तर पर मिलने वाले परिणाम से वैक्सीन की विश्वसनीयता को परखने और जांचने में मदद मिलेगी। इस प्रपोजल को अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से मंजूरी का इंतजार है।

जांच के बाद ही दोबारा शुरू होंगे ट्रायल्स
आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी आस्ट्राजेनेका की वैक्सीन तीसरे चरण में थी। ब्रिटेन में 31 अगस्त को 30 हजार लोगों पर किया गया। इसमें से एक वालंटियर को खतरनाक बीमारी ने जकड़ लिया है। वैक्सीन से जानलेवा साइड इफेक्ट सामने आने के बाद ट्रायल्स को तत्काल प्रभाव से रोका जा चुका है। आस्ट्राजेनेका ने तत्काल प्रभाव से परीक्षण रोक लगा दी और जांच के बाद ही आगे परीक्षण पर विचार करने का फैसला किया है।

Image courtesy : REUTERS

भारत में रुका है वैक्सीन का परीक्षण
आस्ट्राजेनेका ने कहा है कि वह वैक्सीन के साइड इफेक्ट से हुई इस बीमारी की जांच कर रहे हैं। इसके कारणों समेत विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की गई है। जब तक बीमारी का पता और उसका निदान नहीं ढूंढ लिया जाएगा तब तक वैक्सीन के आगे के ट्रायल्स नहीं होंगे। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट इसी वैक्सीन के परीक्षण कर रहा था, जिसे अब रोक दिया गया है।…NEXT

 

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