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कोरोना वैक्सीन चोरी के बाद ऑक्सीजन से भरा टैंकर गायब, फर्जी रेमेडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाला गैंग पकड़ा

Rizwan Noor Khan

23 Apr, 2021

कोरोना महामारी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अचानक से दवा, इंजेक्‍शन और ऑक्‍सीजन घटने से अस्‍पतालों में मरीजों की जान मुश्किल में है तो वहीं तीमारदार परेशानी से जूझ रहे हैं। इस बीच हरियाणा के अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन लेकर जा रहा टैंकर लापता होने से हड़कंप मच गया है। उधर, लखनऊ में फर्जी रेमेडसिविर दवा बेच रहे गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

हरियाणा में ऑक्‍सीजन ले जा रहा था टैंकर
देश में पिछले कुछ दिनों में तेजी से कोरोना संक्रमण ने लोगों को अपनी चपेट में लिया है। ऐसे में कई राज्‍यों के अस्‍पतालों में बेड और ऑक्‍सीजन की कमी की समस्‍या सामने आ चुकी है। इसी क्रम में हरियाणा के सिरसा जिले के अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की आपूर्ति करने जा रहा टैंकर मंजिल पर पहुंचने से पहले ही लापता हो गया है। टैंकर के गायब होने की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

मंजिल पर पहुंचने से पहले ही लापता
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक डीएसपी सतीश वत्स ने बताया पानीपत से सिरसा जा रहे ऑक्सीजन के एक टैंकर के लापता होने का मामला सामने आया है। ड्रग इंस्पेक्टर की तरफ से शिकायत आई थी कि हमने एक ऑक्सीजन का टैंकर सिरसा भेजा था, जो सिरसा नहीं पहुंचा है। उन्‍होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।

चोरी हो चुकी हैं 1700 वैक्‍सीन
हरियाणा में बीते दिन 22 अप्रैल को जींद जिले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि जिले के सिविल अस्पताल के पीपी सेंटर से कोरोना वायरस की 1710 वैक्सीन चोरी हुईं। स्वास्थ्य निरीक्षक राम मेहरा वर्मा ने बताया कि अलमारियों के ताले टूटे हैं और वैक्सीन चोरी हुई हैं। स्वास्थ्य निरीक्षक ने कहा कि 1270 कोविशील्ड वैक्‍सीन और 440 कोवैक्सीन चोरी हुई हैं। इससे पहले 14 अप्रैल को जयपुर के अस्‍पताल से भी वैक्‍सीन के 320 डोज चोरी हो चुके हैं।

लखनऊ में फर्जी रेमेडेसिविर बेच रहा गैंग पकड़ा
उधर, लखनऊ पुलिस ने फर्जी कोरोना के इंजेक्‍शन बेच रहे गैंग का पर्दाफाश किया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मानक नगर में एक गैंग फर्जी कोरोना इंजेक्‍शन रेमेडेसिविर के वायल बेच रहे थे। एक वायल की कीमत 20 हजार रुपये ली जा रही थी। पुलिस ने गैंग का भंडाफोड़ करते हुए कई लोगों को अरेस्‍ट किया है। बता दें कि इससे पहले 22 अप्रैल को राजस्‍थान में उदयपुर एक निजी अस्‍पताल के डॉक्‍टर और एमबीबीएस स्‍टूडेंट को रेमेडेसिविर इंजेक्‍शन की कालाबाजारी में पकड़ा था। आरोपी एक इंजेक्‍शन 35 हजार रुपये में बेच रहे थे।

 

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