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फाइजर और मॉडर्ना के बाद तीसरी कोरोना वैक्सीन भी 90 फीसदी तक सफल, भारत के लिए है खास

Rizwan Noor Khan

23 Nov, 2020

​कोरोना वायरस को खत्म करने और इससे संक्रमित लोगों को बचाने के लिए कई मुल्क और फार्मा कंपनियां वैक्सीन विकसित करने में जुटे हैं। इस प्रक्रिया में भारत भी पीछे नहीं है। पिछले दिनों दो कोरोना वैक्सीन के 90 फीसदी सफल होने की बात कही गई थी। अब तीसरी वैक्सीन भी 90 फीसदी सफल साबित हुई है। वैक्सीन के सीरम इंस्टीट्यूट से जुड़े होने के कारण इस सफलता को भारत के लिए खास माना जा रहा है।

Image courtesy : AstraZeneca

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन कोवीशील्ड
अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर जर्मन कंपनी बायोएनटेक की वैक्सीन कोरोना वायरस के इलाज और बचाव में 95 फीसदी सफल हो चुकी है। इसके ठीक दो दिन बाद एक और अमेरिकी फार्मा कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन भी कोरोना के इलाज में 95 फीसदी सफल बताई गई। अब ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से फॉर्मा कंपनी आस्ट्राजेनेके कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड विकसित कर रही है। इस वैक्सीन के 90 प्रतिशत सफल होने का दावा किया गया है।

हॉफ और फुल डोज के अलग अलग नतीजे
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फार्मा कंपनी आस्ट्राजेनेका ने कहा है कि उसकी वैक्सीन कोरोना के इलाज और संक्रमण से बचाव में 90 फीसदी तक सफल साबित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक बड़े पैमाने पर किए गए परीक्षण के दौरान कुछ वॉलंटियर्स को वैक्सीन का आधा डोज दिया गया तो उनका रिजल्ट 70 सही आया। जबकि, फुल डोज देने पर 90 फीसदी तक रिजल्ट सही पाए गए।

Image courtesy : REUTERS

भारत में आसान हो सकती है उपलब्धता
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन की यह सफलता भारत के लिए काफी उत्साहजनक है। क्योंकि, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की इस वैक्सीन को भारत में सीरम इंस्टीट्यूट परीक्षण कर रहा है। भारत में यह वैक्सीन करीब 1600 वालंटियर्स पर परीक्षण की जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वैक्सीन के पूरी तरह सफल होने के बाद इस्तेमाल के लिए यह भारत के लोगों के आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

ब्रिटेन पहले ही खरीद चुका है 10 करोड़ डोज
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन कोवीशील्ड भारत के अलावा ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और अमेरिका में बड़े स्केल पर ट्रायल्स के दौर में है। मॉडर्ना और फाइजर की वैक्सीन की सफलता के बाद यह तीसरी सबसे ज्यादा सफल होने वाली वैक्सीन बनी है। वैक्सीन के साइड इफेक्ट सामने नहीं आने से यह सुरक्षा मानक पर भी फिट साबित हुई है। ब्रिटेन ने वैक्सीन के 100 मिलियन डोज पहले ही खरीद लिए हैं।…NEXT

 

 

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