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मैच खेलने की जगह नकली नोट छाप रहा था कराटे चैंपियन, जाली नोट बनाने की तरकीब बताई

Rizwan Noor Khan

3 Feb, 2020

मेहनत करने की बजाय जल्‍द अमीर बनने और शौक पूरे करने के चक्‍कर में कराटे चैंपियन जालसाजी में कूद गया। कराटे में गोल्‍ड मेडल जीत चुका युवक जाली नोट बनाने के धंधे का सरताज बन गया। आखिरकार पुलिस की कई महीनों की मेहनत ने रंग दिखाया और कराटे चैंपियन शिकंजे में फंस गया।

 

 

 

 

 

 

खेल में धूल चटाई पर लालच से हारा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्‍थान के सीकर जिले का रहने वाला रामावतार कराटे खेल की दुनिया का चैंपियन था। उसने इस खेल के धुरंधरों को धूल चटा दी। शुरुआत से ही प्रतिभाशाली रहा रामावतार छात्र संघ अध्‍यक्ष भी रहा और एमएससी का छात्र है। लेकिन, जल्‍द अमीर बनने और नए नए शौक पूरे करने के चक्‍कर में वह कराटे मैच खेलने की बजाय जालसाजी में लिप्‍त हो गया।

 

 

 

 

खेल छोड़ नकली नोट छापने लगा
रामावतार नेक रास्‍ता छोड़ नकली नोट बनाने का धंधा शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक वह दो-दो सौ के नकली नोट बनाकर दूसरे शहरों की बाजारों में खपा देता था। शुरुआत में जेब खर्च के लिए शुरू किया यह काम बाद में उसके जीवन का लक्ष्‍य बन गया। रामावतार के साथ नकली नोट बनाने के काम में कई और अपराधी जुड़ गए। पुलिस ने रामावतार समेत 9 लोगों को रंगे हाथ गिरफ़्तार किया है।

 

 

 

 

इन उपकरणों से छापते थे नोट
पुलिस के मुताबिक सीकर जिले के फतेहपुर कस्‍बे में जाली नोट बनाने की फैक्‍ट्री का पता चलने पर छापा मारा गया। फैक्‍ट्री से नोट छापने वाली मशीन, जाली कागज, एक ही सीरियल नंबर के दो-दो सौ के नोट मिले। यह सभी नोट एकदम असली जैसे थे। इसके अलावा मौके से प्रिंटर, सीपीयू, एलईडी, की बोर्ड समेत भारी मात्रा में जाली सामग्री मिली है।

 

 

 

 

नोट छापने का तरीका बताया
गिरफ्तार लोगों ने कुबूल करते हुए पुलिस को बताया कि वह सब सीकर में लक्ष्‍मी ट्रैवेल नाम से शॉप में नोट छापते हैं और वहां से दूसरे शहरों में सप्‍लाई करते हैं। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों की उम्र 19 से 30 साल के बीच है। आरोपियों ने बताया कि उन सभी गूगल सर्च के जरिए नोट छापने का तरीका सीखते थे फिर उस पर अमल करते थे। इस घटना के बाद से कराटे चैंपियन रामावतार के घरवाले बेहद दुखी हैं।…NEXT

 

 

 

 

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